महराजगंज। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने सीएमओ कार्यालय पर छठे दिन भी प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि छह सूत्रीय मांगों को लेकर अनवरत धरना प्रदर्शन जिले भर में चलता रहेगा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरिकेश चौधरी ने कहा कि हमारी मुख्य मांगों में समान कार्य समान वेतन, जाब सिक्योरटी के अलावा बीपीएम व एमसीटीएस आपरेटर को जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से नियुक्त किए जाना शामिल है। आशा बहुओं के मानदेय के लिए संगठन कमर कस चुका है। उन्होंने बताया कि सीएमओ कार्यालय के अलावा जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी पर धरना प्रदर्शन जारी है। महामंत्री प्रज्ञानंद सागर ने बताया की जिले सभी संविदा कर्मी बीपीएम, बीसीपीएम, एसएन, एनम, आशा, एक्सरे टेक्नीशियन, लैब टैक्नीशियन, के अतिरिक्त बैम और आरबीएसके टीम एवं समस्त चिकित्साधिकारी अपना संपूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
धरना दे रहे लोगों ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जातीं, तबतक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। धरना के दौरान डीपीएम नीरज सिंह, विपिन बिहारी पाठक, डाक्टर मनोज मिश्रा, डाक्टर अनिल कुमार, धर्मेन्द्र गुप्ता, हरिकेश बहादुर यादव, सुरेन्द्र नाथ पाल, फिरोज आलम, अरविंद मद्देशिया, छाया, पुनीता शर्मा, लवली आदि मौजूद रहे।
सिसवा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, प्रदेश व्यापी हड़ताल के तीसरे दिन सिसवा ब्लॉक के संविदा कर्मचारी, आशा बहुएं, स्टाफ नर्सों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सीएचसी व राजकीय महिला चिकित्सालय पर ताला जड़ दिया और सोमवार से सभी आकस्मिक सेवाओं को बाधित करने की चेतावनी दी।
शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर संविदा कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. आशुतोष पटेल के नेतृत्व ने धरने पर बैठे संविदाकर्मी, आशा बहु, स्टाफ नर्सों ने नारेबाजी करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी में मरीजों का इलाज कर रहे प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ ईश्वर चंद विद्यासागर को बाहर बुलाकर ताला जड़ दिया।
इसके बाद वहां से सभी संविदाकर्मी, आशा बहुएं तथा स्टाफ नर्स नारेबाजी करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच गए और वहां तैनात डॉ केके झा व डॉ आशीष रंजन को अस्पताल में ताला बंद करने के लिए कहा लेकिन उन्होंने मना कर दिया। जिसे लेकर चिकित्सकों से आशाओं की बहस भी हुयी लेकिन फिर स्थ िति की नजाकत देख तथा आशाओं की संख्या व नाराजगी के आगे इनकी एक न चली और अस्पताल में ताला बंद हुआ।
इस दौरान मौजूद अन्य आशाओं ने चिकित्सक के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी किया। इसके बाद आशाओं ने परिसर में स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय पर भी पहुंच गयी और वहां ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को बाहर बुलाकर ताला जड़ दिया।
घुघली प्रतिनिधि के अनुसार, आशा व संविदा कर्मचारियों ने शनिवार को आंदोलन तेज करते हुए पीएचसी के मुख्य गेट पर ताला बंद कर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे भी लगाए। इस दौरान आंदोलनकारियों ने किसी को भी स्वास्थ्य केंद्र के अंदर नहीं जाने दिया। जिससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
उधर, डॉ. राजेश द्विवेदी ने आशा और संविदा कर्मचारियों के आंदोलन से इमरजेंसी सेवा बाधित होने से इंकार किया। इस दौरान योगेन्द्र नाथ मधुकर, अनिल सिंह, महेंद्र पटेल, अपर्णा त्रिपाठी, प्रियंका त्रिपाठी, सुनीता, सरिता, बबिता, पूनम, मंजू, रीता सहित कई लोग मौजूद रहे।
रतनपुर प्रतिनिधि के अनुसार, सीएचसी गेट पर ताला लगाकर नौतनवां ब्लाक में भारी संख्या में आशा व संविदाकर्मी डटे रहे। इमरजेंसी सेवा के लिए एंबुलेंस तक रोक दिया गया। इलाज के लिए मरीज और तीमारदार परेशान हुए।
संविदा कर्मचारियों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, धरना जारी रहेगा। धरने में डॉ. पारसनाथ, डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. संदीप सिंह, जेपी चौधरी, प्रदीप यादव, दिलीप, धर्मेंद्र कुमार शाही, सनोज त्यागी, हेमलता, अनीता, अमरावती आदि संविदाकर्मी शामिल रहे।