इंसेफेलाइटिस वार्ड का निरीक्षण करते विधायक विनोद तिवारी।
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फरेंदा। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य विभाग के प्रति जितना सतर्क है, उसी अनुपात में विभागीय कर्मचारी सरकार के दावे की हवा निकाल रहे हैं। अस्पताल पर छह चिकित्सकों की तैनाती के बाद एक का भी मौजूद न होना व्यवस्था की पोल खोल रही है। अस्पताल पर मरीज तड़प रहे हैं लेकिन डाक्टर मौज कर रहे हैं। विधायक के बार-बार फोन मिलाने पर भी सीएमओ का फोन रिसीव नहीं हुआ।
सीएचसी फरेंदा बनकटी में एसके सिंह, हीरालाल, मुकेश गुप्ता, एसपी वर्मा व महिला चिकित्सक कविता अग्रवाल व साल्वी तैनात हैं। रविवार को अपराह्न चार बजे विधायक विनोद तिवारी अस्पताल पर पहुंच गए। अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं है। मरीज इधर-उधर फटक रहे हैं। चीफ फार्मासिस्ट प्रमोद पांडेय से पता चला कि रविवार को डॉ शंकर प्रसाद वर्मा की ड्यूटी है।
लेकिन वह नहीं आए हैं। ऐसे में विधायक ने सीएमओ कृष्ण गोपाल सिंह से लगातार फोन कर वार्ता करने का प्रयास किया लेकिन, सीएमओ का फोन रिसीव नहीं हुआ। बाद में किसी प्रकार से सीएमओ से वार्ता होने पर डाक्टर की अनुपस्थिति की शिकायत की। सीएमओ ने विधायक की शिकायत पर तैनात डाक्टर का एक दिन का वेतन बाधित करने का आदेश दे दिया। विधायक ने इंसेफेलाइटिस वार्ड, प्रसव कक्ष सहित स्टोर रूम व दवा की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान चीफ फार्मासिस्ट के अलावा गजेंद्र उपाध्याय, राजेंद्र यादव, स्टाफ नर्स नफीसा आदि मौजूद रहे।
सीएम से करूंगा शिकायत:विनोद
फरेंदा। क्षेत्र के सभी सीएचसी व पीएचसी पर डाक्टरों की अनुपस्थिति गंभीर समस्या है। जिसका नतीजा है कि क्षेत्र के मरीज अपनी जान गवां रहे हैं। सीएचसी धानी, पीएचसी बहदुरी सहित अन्य अस्पतालों की हालत चिकित्सकों के अभाव में काफी खराब है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करूंगा।