रतनपुर क्षेत्र में घटना के बाद रोते बिलखते परिजन।
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रतनपुर। मंगलवार को भैंस चराने के दौरान बघेला नदी में डूबे बुजुर्ग का बुधवार को कुछ दूरी पर शव मिला। मंगलवार को काफी प्रयास के बावजूद उनका पता नहीं चल सका था। लोग वापस चले गए थे।
नौतनवां थाना के गांव चकदह खास निवासी 60 वर्षीय संतलाल साहनी मंगलवार को दोपहर लगभग 12.30 बजे गांव से गांव से पूरब बघेला नदी के पतरकी घाट पर जंगल में भैंस चराने के लिए नदी पार कर रहे थे। नदी में पानी अधिक होने और तेज बहाव के कारण भैंस का साथ छूट गया और वह डूब गए थे। काफी प्रयास के बाद भी उनका पता नहीं चला सका था।
परिजन एवं सगे संबंधी बुधवार को भी छानबीन करने में जुटे रहे। नदी का जल स्तर कम होने पर 24 घंटे बाद लगभग 12.15 बजे घटना स्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर चकदह के महुलैना टोले से उत्तर नदी में गिरे पड़े आम के पेड़ में शव फंसा दिखाई दिया। सबसे पहले उनके बड़े लड़के बृजेश साहनी ने शव देखा। इसके बाद ग्रामीण एवं रिश्तेदार भी पहुंचे तथा शव को बाहर निकाला गया। सूचना पाकर नौतनवां थानाध्यक्ष रामायण यादव फोर्स के साथ पहुंचे। मृतक के बड़े बेटे से तहरीर लेकर शव पीएम के लिए भेज दिया।
संतलाल साहनी की लाश मिलने पर परिवार वाले दहाड़े मार कर रोने लगे। उनके पिता धर्मराज सहानी और पत्नी गुजराती एवं बेटा, बहू तथा बेटियों का रो-रो कर बुरा हाल है। पत्नी गुजराती रह-रह कर बेहोश हे जा रही थीं। परिजन पोस्टमार्टम नहीं चाह रहे थे। बड़े पुत्र बृजेश साहनी तथा रिश्तेदार एसओ नौतनवां से बार-बार आग्रह कर रहे थे कि शव का अंतिम संस्कार करने दिया जाए। लेकिन एसओ ने कानूनी हवाला देकर बृजेश साहनी की तहरीर पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।