महराजगंज। जन शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता एसडीएम सदर तथा जिला स्तरीय अधिकारियों को भारी पड़ी। मंडलायुक्त अनिल कुमार ने तहसील सदर दिवस के आकस्मिक निरीक्षण में पाया कि तहसील दिवसों में प्राप्त शिकायतों का समुचित निस्तारण नहीं किया गया है।
कमिश्नर के सहायक ने जब दूरभाष पर शिकायतकर्ताओं से पूछताछ की तो उन्होंने वास्तविकता बता दी। इससे नाराज मंडलायुक्त ने एसडीएम सदर तथा अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब कर डीएम को आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। उनके साथ डीआईजी शिव सागर सिंह भी थे। उन्होंने तहसील दिवस में आए हुए लोगों की समस्या भी सुनी तथा उनके निस्तारण का निर्देश दिया। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह, एसपी प्रमोद कुमार, एडीएम आरपी कश्यप भी मौजूद थे।
इसके पूर्व डीएम ने निचलौल तहसील में सुनवाई की। एक बजे तक कुल 90 शिकायतें मिली थी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार तथा सीडीओ राम नेवास ने भी समस्याओं को सुना। तहसील दिवस में गड़ौरा चीनी मिल द्वारा गन्ना मूल्य का भगतान न करने, कोटेदार द्वारा राशन न देने, वृद्धावस्था पेंशन, अवैध अतिक्रमण हटाने, बिजली न आने आदि मामले प्राप्त हुए।
डीएम ने इस्लाम, रोजई, बृजराज, शमशेर आलम, विजय प्यारे, अमरजीत, अकली को मृदा परीक्षण कार्ड वितरित किया। उन्होंने पलकधारी तथा महेन्द्र को लपेटा पाइप तथा घनश्याम, बोधई, ओम प्रकाश, जलालुद्दीन तथा राम प्यारे को नि:शुल्क सल्फोसल्फ्यूरान का पैकेट वितरित किया। उप निदेशक कृषि एचएन सिंह ने बताया कि लपेटा पाइप 50 प्रतिशत अनुदान पर दिया गया है।