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लाठीचार्ज से गुस्सा,पीजी कालेज के शिक्षक हड़ताल पर

Sat, 10 Dec 2016 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूराे
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लखनऊ में लाठीचार्ज के दौरान शिक्षक की मौत से नाराज शिक्षक संगठनों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। - फोटो : अमर उजाला
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महरजगंज। लखनऊ में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर पुलिस के बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज में मारे गए जनपद के क्षेत्र पंचायत घुघली के ग्राम सभा पिपरियां करजहां निवासी शिक्षक रामाशीष सिंह को नगर के जवाहर लाल नेहरू पीजी कालेज के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी और पुलिस बर्बरता की निंदा करते हुए प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संगठनों के समर्थन में हड़ताल पर रहे।
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महाविद्यालय शिक्षणेतर कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष संतोश श्रीवास्तव ने लाठीचार्ज को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए दोषियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा पंजीकृत करने की मांग की। जिला मंत्री प्रणय कुमार गौतम ने राज्य सरकार से मृतक शिक्षक के परिजनों को सरकारी नौकरी देने तथा मृत्यु की तिथि से सेवानिवृत्ति तक का वेतन उनकी विधवा पत्नी को देने की मांग की।

डा. शरण मिश्र ने सरकार की ओर से दी गई पांच लाख रुपये की सहायता राशि को ऊंट के मुंह में जीरा और नाइंसाफी बताते हुए शिक्षक के परिजनों को एक करोड़ की मुआवजा देने की मांग की।लेखाकार संघ के मंडल प्रभारी श्रवण पटेल ने पुलिस बर्बरता की निन्दा करते हुए दोषियों के ऊपर धारा 302 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराने की मंग की उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की दमनकारी नीतियों चलते शिक्षक की मौत हुई है।
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प्राचार्य डॉ प्रेमचंद पटेल, नियंता डॉ महेषमणि त्रिपाठी, डॉ रीना सिंह, डॉ घनश्याम शर्मा, विधिनरायन यादव, रामनरायन नायक, अतुल घोष, शमाशाद अहमद, अतीकुर्रहमान, जवेद अली, धीरेंद्र कुमार, नरेंद्र सिंह, संतोष पटेल, संतोष राव, सुशील, सच्चिदानंद पटेल आदि ने हड़ताल का समर्थन किया।

जिले के सभी शिक्षक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम विभिन्न समस्याओं के निस्तारण के लिए ज्ञापन डीएम को सौंपा। शिक्षक नेताओं ने शासन से तत्काल पीड़ित परिवार को एक करोड़ रूपये की अहेतुक सहायता देने, एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी व बच्चों के पढ़ाई का खर्च देने की मांग की। इसके अलावा विभिन् न समस्याओं के निस्तारण की मांग की।
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