फरेंदा। छोटी बेटी के गायब होने में बड़ी बेटी का हाथ होने के शक में पिता ने चाचा के साथ मिलकर उसकी हत्या का प्रयास किया। शोर मचाने पर चरवाहे आ गए, जिससे उसकी जान बच गई। चरवाहों ने पिता को दौड़ाकर पकड़ लिया जबकि चाचा नदी में कूद कर भागने में सफल रहा। दामाद की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पिता और चाचा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। कोर्ट में पेशी के बाद पिता को जेल भेज दिया गया।
महराजगंज कोतवाली सदर कोतवाली क्षेत्र के चेहरी बहुबलिया निवासी इंदल की बड़ी बेटी नीलम की शादी फरेंदा क्षेत्र के हरैया पंडित निवासी बाबूराम के साथ हुई है। बताया जाता है कि इंदल की छोटी बेटी दामाद के भाई के साथ चार दिन पहले गायब हो गई।
इसके लिए नीलम को दोषी मानते हुए इंदल ने अपने भाई बैजनाथ के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बना डाली। नीलम अपनी मौसी के घर रामनगर गई थी। गुरुवार की सुबह नीलम का चाचा बैजनाथ वहां पहुंचा। योजना के तहत उसने नीलम को बरातगाढ़ा मंदिर चलने को कहा।
साजिश से बेखबर नीलम चाचा बैजनाथ की बातों पर यकीन कर साथ जाने को तैयार हो गई। नीलम को बाइक से लेकर बैजनाथ दोपहर में बरातगाढ़ा मंदिर के पास नदी के किनारे पहुंचा। यहां पहले से इंदल मौजूद था। नीलम ने पिता का हालचाल पूछा लेकिन, बिना कोई जवाब दिए इंदल कुल्हाड़ी और राड निकाल लिया। भयभीत नीलम चिल्लाने लगी।
शोर सुनकर आसपास के चरवाहे दौड़ पडे़। करीब आधा दर्जन चरवाहों ने इंदल को पकड़ लिया और उसकी धुनाई शुरू कर दी। भाई की पिटाई देख बैजनाथ नदी में कूद कर भाग गया। गांव के लोगों ने सूचना यूपी-100 को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और नीलम को थाने लाई। इस संबंध में एसओ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि नीलम के पति बाबूराम की तहरीर पर आरोपी पिता इंदल व चाचा बैजनाथ के खिलाफ जान से मारने का प्रयास का केस दर्ज कर पिता को हिरासत में ले लिया गया। बाद में उसे जेल भेज दिया गया।