ग्रामीण इलाकों में नहीं दिखता एंटी रोमियो स्क्वॉड
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महराजगंज। छेड़छाड़ की बढ़ रही घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री की पहल पर हर जिले में एंटी रोमियो स्क्वॉड गठित की गई है। यह स्क्वॉड थाना स्तर पर बनाई गई थी लेकिन इस टीम की गतिविधियां सिर्फ शहरों तक ही सीमित होकर रह गई हैं। जिले के ग्रामीण इलाकों में एंटी रोमियो स्क्वॉड बहुत कम दिखती है। इसके चलते ग्रामीण इलाकों में स्थित स्कूल व कॉलेज की छात्राओं में शोहदों का डर बना रहता है।
शोहदों पर शिकंजा कसने के लिए थाना स्तर पर गठित स्क्वॉड की कमान थानेदार को सौंपी गई थी, जबकि शहर में महिला थाना प्रभारी को कमान दी गई। शुरुआती दौर में मनचलों पर लगाम कसने के लिए शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक स्क्वॉड के सदस्य दौड़ते रहे। स्कूलों व कॉलेजों के बाहर खड़े होने वाले युवाओं को पकड़ा भी लेकिन उन पर कार्रवाई करने की बजाय चेतावनी देकर छोड़ दिया। शहर में तो एंटी रोमियो स्क्वॉड कमोवेश अभी सक्रिय है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में गतिविधियां थम गई हैं। निचलौल, घुघली, सिसवां, परतावल के अलावा अन्य कई स्थानों पर एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियां नके बराबर रह गई हंै। एंटी रोमियो स्क्वॉड के प्रभारी जेबी सिंह बघेल ने बताया कि जांच पड़ताल कर शोहदों को चेतावनी दी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्क्वॉड जाती है। उन्होंने कहा कि अगर किसी क्षेत्र में स्क्वॉड नहीं पहुंच रही होगी तो वहां भी भेजी जाएगा।