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नौतनवां (महराजगंज)। फर्जी तरीके से स्थानीय वोटर लिस्ट में नामजदगी के आरोप की सुनवाई में अमन मणि त्रिपाठी को शुक्रवार को गाजियाबाद जेल से तहसील परिसर में लाया गया। बयान और सुनवाई की प्रक्रिया के बाद नौतनवां के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/एसडीएम अलोक कुमार ने अमन व परिवार के बाकी सदस्यों के नाम मतदाता सूची में यथावत रखने की बात कही।
पत्नी सारा की हत्या के आरोप में गाजियाबाद जेल में बंद अमन मणि पर मनमानी से स्थानीय वोटर लिस्ट में नामजदगी कराने की शिकायत नौतनवां निवासी रामेश्वर बर्नवाल ने की थी। बर्नवाल की ओर से 14 जनवरी को डीएम एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा गया था कि अमन मणि त्रिपाठी, अलंकृता त्रिपाठी, अमृत मणि त्रिपाठी, अनंत मणि त्रिपाठी, अजीत मणि त्रिपाठी और मधुबाला का नाम नौतनवां विधानसभा क्षेत्र की निर्वाचक नामावली के भाग संख्या 31 पहुनी के क्रम संख्या 995, 996, 997, 998, 1002 व 1004 पर अंकित है।
इन लोगों का पहुनी में कोई मकान नहीं है। ये लोग गोरखपुर के हुमायूंपुर मोहल्ले में निवास करते हैं। ऐसे में मतदाता सूची से उनका नाम हटाया जाए। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एसडीएम आलोक कुमार ने 23 जनवरी को नोटिस जारी कर तीन फरवरी को साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा था। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे गाजियाबाद जेल से अमन मणि त्रिपाठी को नौतनवां तहसील लाया गया।
साक्ष्य प्रस्तुत कर अमन मणि ने बयान दर्ज कराए। इस दौरान अलंकृता त्रिपाठी, अनंत मणि त्रिपाठी, अजीत मणि त्रिपाठी, पूर्व मंत्री श्यामनारायन त्रिपाठी व अमन की बड़ी बहन तनु त्रिपाठी भी मौजूद रहीं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने बताया कि साक्ष्य के आधार पर उन लोगों का मतदाता सूची में दर्ज नाम यथावत रहेगा।