धड़ल्ले से चल रहा कच्ची शराब का धंधा
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महराजगंज। वैसे तो जहरीली शराब पीने से कई जनपदों में लोगों की मौत हो चुकी है। इसी कड़ी में कानपुर जिले में भी जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत होने का मामले सामने आया है। इसके बाद भी जिले में अवैध शराब का कारोबार जारी है। कारोबारी कच्ची शराब का धंधा धड़ल्ले से कर रहे हैं। शराब के अवैध कारोबारियों को न तो पुलिस का डर है और न ही आबकारी विभाग।
जिले के कई थाना क्षेत्रों में अवैध शराब का धंधा चलता है। इसमें से फरेंदा, बृजमनगंज, पुरंदरपुर, चौक, सिसवां, घुघली, श्यामदेउरवा, पनियरा आदि क्षेत्रों के नाम शामिल हैं। इन थाना क्षेत्रों के विभिन्न ईंट भट्ठों के पास, जंगल, नदी नालों के किनारे तथा वनग्रामों में अवैध शराब बनाने व बिक्री का काम होता है। इन स्थानों पर अवैध शराब बनाए जाने व बिकने को लेकर पुलिस व आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहते हैं। विभिन्न स्थानों पर भारी मात्रा में अवैध शराब बनाए जाने की पुष्टि तो कभी - कभी पुलिस व आबकारी विभाग की छापेमारी में होने वाली भारी बरामदगी से ही हो जाती है। बीते 18 मई को पुलिस व आबकारी विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के वनग्राम तिनकोनिया व कोल्हुई थाना क्षेत्र के जंगल गुलरिहा में छापे की कार्रवाई कर अवैध शराब बरामद करने के साथ ही लहन नष्ट किया है। इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी बजरंग बहादुर सिंह ने कहा कि कानपुर में घटित घटना को लेकर आबकारी विभाग अलर्ट है। उन्होंने कहा कि अभी वह जिले से बाहर हैं। जिले में पहुंचते ही शराब का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ अभियान चलाएंगे। हालांकि जिले के सभी आबकारी निरीक्षकों को जांच के लिए निर्देश दे दिए गए हैं। डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने बताया कि जिले में अवैध शराब का कारोबार बंद है। अगर कहीं शराब बन रहा होगा तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आबकरी विभाग को निर्देश दिए गए हैं। टीम समय - समय पर जांच कर कार्रवाई करती रहती है।