केवलापुर में नकली शराब की फैक्ट्री पकड़े जाने के मामले में इंस्पेक्टर के निलंबन के बाद जिला आबकारी अधिकारी (डीईओे)एसआर पांडेय पर भी कार्रवाई हुई है। उन्हें हटाकर बभनान डिस्टलरी फैक्ट्री से अटैच कर दिया गया है।
आबकारी विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर हर्ष चौधरी बीते 16 मई को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम के साथ चौक थाना क्षेत्र के केवलापुर गांव में जितेंद्र और राजकुमार के घर में छापेमारी की थी। उनको सूचना मिली थी कि घर में अवैध शराब बनाकर उसकी पैकिंग कर सरकारी शराब की दुकानों पर सप्लाई की जा रही है।
नकली शराब को असली दिखाने के लिए उस पर होलोग्राम के साथ ही रैपर भी चिपकाया जा रहा था। छापेमारी में टीम के हाथ 84 पेटी तैयार शराब, दो ड्रम स्प्रिट और छह लाख होलोग्राम के साथ ही तीन लाख ढक्कन और 1200 खाली शीशी भी लगीं हैं। छापेमारी के समय फैक्ट्री में तैयार 84 पेटी देशी शराब को चार पहिया गाड़ी में आपूर्ति करने के लिए भेजा जा रहा था।
टीम ने फैक्ट्री संचालक जितेंद्र जायसवाल, राजकुमार जायसवाल समेत चार लोगों के खिलाफ चौक थाना में केस दर्ज कराया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। लंबे समय से चल रही नकली शराब की फैक्ट्री की गूंज लखनऊ तक पहुंची थी।
शुरुआती जांच में लापरवाही मानते हुए आबकारी निरीक्षक पुष्पेंद्र मिश्र को निलंबित कर दिया गया था। अब मामले में जिला आबकारी अधिकारी रहे एसआ पांडेय को हटाकर बभनान डिस्टलरी फैक्ट्री से अटैच कर दिया गया है।