सोनरा गांव के पास गो तस्करों को पकड़ कर हियुवा व पुलिस गांव के लोगों से वार्ता करते हुए।
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महराजगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र में पशु तस्करी और गोकशी की घटनाओें पर रोक नहीं लग पा रही है। गोकशी की घटना को सात दिन भी नहीं बीते थे कि बृहस्पतिवार को हियुवा के लोगों ने आठ गोवंशीय पशुओं को तस्करों समेत पकड़ा। महिला समेत चार तस्करों को पुलिस को सौंप दिया।
सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के सोनरा व रामपुर के पास बृहस्पतिवार की भोर में करीब पांच बजे आठ पशु लेकर तीन युवक और एक महिला कहीं जा रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही हियुवा के जिला उपाध्यक्ष संजय यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और तस्करों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे तस्करी के लिए पशुओं को ले जा रहे थे। इसकी जानकारी हियुवा ने पुलिस अधिकारियों को दी।
कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और पशुओं को कब्जे में लेकर तस्करों को थाने लाई। संजय यादव का कहना है कि 20 दिन पहले भी बागापार क्षेत्र में तस्करी कर ले जाए जा रहे पशु पकड़े गए थे। हर दिन तस्करी की घटनाएं हो रही हैं लेकिन पुलिस मौन बनी हुई है। सदर कोतवाली पुलिस के प्रति लोगों का गुस्सा है। ग्रामीणों ने सदर कोतवाल टीपी श्रीवास्तव को हटाने की मांग की है। गांव वालों का कहना है कि जब से इंस्पेक्टर आए हैं, तब से तस्करी व गोकशी की घटनाएं बढ़ गई हैं। पिछले दिनों गोकशी के मुख्य आरोपियों को थाने से ही छोड़ दिया गया था।
भोर में ड्यूटी लगाने के लिए जुगाड़ लगाते हैं पुलिस वाले
महराजगंज। गो तस्करी की घटनाएं इन दिनों तेज हो गई हैं। तस्करी में पुलिस की मिलीभगत सर्वविदित है। बताया जा रहा है कि गो तस्करी की घटनाएं आम तौर पर भोर में तीन बजे से पांच बजे के बीच में होती हैं। एक ट्रक पास कराने के लिए सिपाहियों को अच्छी-खासी रकम मिलती है। उसमें एसओ का भी हिस्सा होता है। ऐसे में सिपाही संबंधित थानाध्यक्ष से भोर में ड्यूटी लगाने के लिए जुगाड़ लगाते हैं।