लक्ष्मीपुर। पुरंदरपुर थाना के रानीपुर चौराहा निवासी एडवोकेट दुर्गेश जायसवाल के घर में घुस कर हमले के मामले में छह आरोपियों ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा शीलवंत ने 24 दिसंबर को आठ अभियुक्तों के विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी किया था।
न्यायालय ने तलबी आदेश में कहा गया है कि घटना के दिन सुबह करीब पांच बजे दुर्गेश जायसवाल के घर के सामने शोर गुल हो रहा था। आवाज जानी पहचानी लगने पर दुर्गेश जायसवाल ने जैसे ही अपना दरवाजा खोला कि संजय जायसवाल उर्फ गुड्डू, अजय जायसवाल, मनोज जायसवाल, प्रमोद जायसवाल, रामनाथ जायसवाल, दीपक जायसवाल, सागर जायसवाल व कृष्ण मोहन निवासी मानीराम थाना चिलुआताल जनपद गोरखपुर और तौलन जायसवाल निवासी सिधवारी टोला पोखरियापुर थाना फरेंदा घर में घुस गए।
विरोध करने पर इन लोगों ने दुर्गेश को मारा-पीटा तथा उनके घर में तोड़ फोड़ भी की। आसपास के लोगों को आते देख सभी हमलावर हत्या की धमकी देते हुए गोरखपुर की तरफ भाग निकले। घायल दुर्गेश को परिवार वालों ने सीएचसी बनकटी में भर्ती कराया। स्वस्थ होने के बाद दुर्गेश की ओर से 24 नवंबर 2014 को नौ लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत हो गया। लेकिन विवेचक राम सहाय चौहान ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पुलिस की कार्रवाई से व्यथित दुर्गेश ने वरिष्ठ अधिवक्ता ज्वाला मणि त्रिपाठी के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा कोर्ट में प्रोटेस्ट दाखिल किया।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 दिसंबर को संजय, अजय, मनोज, प्रमोद, रामनाथ, दीपक, सागर व कृष्ण मोहन के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। चिलुआताल गोरखपुर के एसओ असलम सिद्दीकी ने बताया कि गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद सभी अभियुक्त फरार हो गए थे। बृहस्पतिवार को अभियुक्त रामनाथ, संजय, अजय, मनोज, प्रमोद और कृष्णमोहन ने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। जबकि दीपक व सागर अभी भी फरार हैं।