महराजगंज/बरगदवां। जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय ने मंगलवार को परसामलिक थाना क्षेत्र के महरी गांव में स्थित जयमाता दी फूड्स राइस मिल पर छापेमारी की। जहां पर सरकारी बोरे में गेहूं की खरीद की जा रही थी। मौके पर 1054 बोरा गेहूं बरामद किया गया। डीएम ने राइस मिल को सीज कर दिया है। वहीं प्रशासन इस बात का पता लगाने में जुटा है कि इस अवैध कारोबार में कौन कौन से अधिकारी संलिप्त थे, तथा किन-किन केंद्रों से खाली बोरा मंगाया जा रहा था। इस मामले में पीएसीएफ के प्रबंधक जेबी सिंह व राईसमिल के मालिक मनीष उपाध्याय को मुख्य अभियुक्त बनाते हुए चार क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया गया।
जांच में पता चला कि यहां पर सरकारी रसीद भी उपलब्ध है। मगर गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रूपये प्रति क्विंटल की बजाय 1400 रूपये क्विंटल की दर से खरीद हो रही है। इस केंद्र से माध्यम से अब तक सिद्धार्थनगर एफसीआई गोदाम पर करीब 6900 बोरी 23 ट्रक के माध्यम से भेजी जा चुकी है। डीएम ने मौके पर एडीएम न्यायिक रतिभान वर्मा तथा नौतनवां के क्षेत्राधिकारी डॉक्टर धमेंद्र कुमार यादव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी अखिलेश कुमार सिंह, एसडीएम नौतनवां पीपी अंजोर को बुला लिया। यह खाली बोरे किन किन केंद्रों से मंगाए गए। इसकी जांच डीएम करवा रहे हैं, मुंशी ने डीएम के समक्ष बयान देकर क्रय केंद्रो का नाम भी बताया।
डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने बताया कि जांच की जा रही है। गेहूं इस राईस मिल तक पहुंचाने में जिनका भी हाथ होगा, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया जो तथ्य सामने आए हैं। उसके मुताबिक पीएसीएफ के प्रबंधक, राईस मिल मालिक को मुख्य आरोपी मानते हुए चार क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। जांच के बाद आरोप पत्र तैयार कर कसूरवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।