मूर्ति विसर्जन में डूबे युवकों के परिवारीजनों से मिलकर ढांढ़स बंधाते पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह।
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फरेंदा/पुरंदरपुर/महराजगंज। अमहवां घाट पर रोहिन नदी में लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि समेत तीन लोग डूब गए। गांव के लोगों ने काफी प्रयास कर दो किशोरों का शव बरामद कर लिया है। लेकिन प्रधान प्रतिनिधि का अभी तक पता नहीं चला है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
मंगलवार को पुरंदरपुर क्षेत्र के कांशीराम महदेवा गांव में दीपावली के दौरान गांव में श्री लक्ष्मी माता की स्थापित प्रतिमा विसर्जन के लिए गांव के लोग गाजे-बाजे के साथ रोहिन नदी के अमहवां घाट पर गए थे। मूर्ति विसर्जन के लिए युवक जैसे ही नदी में फेंके उसी दौरान तीन युवक मूर्ति के साथ नदी में गिर गए और देखते ही देखते वे डूब गए। साथ गये लोगों ने दो युवकों को किसी तरह निकाला लेकिन तबतक उनकी मौत हो चुकी थी।
उनकी पहचान मोनू (18) और रामसजन (20) के रूप में हुई। साथ गए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजू चौधरी का कोई पता नहीं चल पा रहा था। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस व ग्रामीण जाल के सहारे प्रधान प्रतिनिधि की तलाश कर रहे थे लेकिन देर शाम तक पता नहीं चल पाया। घटना की सूचना पर एसडीएम व सीओ मौके पर पहुंच गए। इस संबंध में एसओ ओपी चौहान का कहना है कि दो लोगों का शव बरामद हो चुका है प्रधान प्रतिनिधि की तलाश जारी है।
हादसा की सूचना पाकर पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे और मृतक परिवार कों ढांढस बंधाया। पूर्व विधायक अमहवां घाट पर पहुंचे। उन्होंने घटना पर शोक व्यक्त किया और शासन से अहेतुक सहायता दिलाने का भरोसा दिया। उनके साथ विवेका पांडेय,पप्पू यादव,विजय चौधरी आदि ने दुख व्यक्त किया है।