सोनौली बॉर्डर से पकड़ा गया चीनी नागरिक
-बिना वीजा व पासपोर्ट के कई साल से रह रहा था भारत में
- सरहद पार करने में मदद करने वाला हैदराबाद का युवक भी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नौतनवा (महराजगंज)। सोनौली बॉर्डर से सोमवार की रात बिना वीजा और पासपोर्ट के एक चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया गया। उसके साथ सरहद पार करने में उसकी मदद करने वाले हैदराबाद के युवक को भी पकड़ा गया है। दोनों नेपाल जाने की फिराक में थे। दोनों को आव्रजन विभाग के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया है।
चीनी नागरिक ने पहले खुद को मणिपुर का निवासी बताया। उसने अपना नाम स्टीवेनजाना बताया, लेकिन उसके पास से चीनी पासपोर्ट की छायाप्रति मिलने पर जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने सच्चाई स्वीकार कर ली। उसने अपना नाम लीजी कुं बताया। उसने अधिकारियों से कहा कि वह चीन के डालियन सिटी के जोंगसोंग-मियांग स्ट्रीट एल वन सेंध्यु का रहने वाला है। उसके मददगार का नाम सैयद इमरान नजीर है और वह हैदराबाद के खाजागुलशन मेराज कालोनी का रहने वाला है।
लीजी कुं वर्ष 2009 में विद्यार्थी वीजा पर हैदराबाद आया था। वहां उसने दो शिक्षण संस्थानों में अंग्रेजी और कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए दाखिला लिया, लेकिन शिक्षा पूरी नहीं की। वर्ष 2011 में वह चेन्नई चला गया और किराए के कमरे में रहकर प्राइवेट रूप से चीनी भाषा अनुवादक का काम करने लगा। वर्ष 2017 में वह फिर हैदराबाद पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात सैयद इमरान नजीर से हुई। नजरी चीन से एमबीबीएस की डिग्री लेकर लौटा था। उसे चीनी भाषा आती थी। इस वजह से दोनों में दोस्ती हो गई।
सैयद इमरान नजीर की मदद से चीनी नागरिक ने स्टीवनजाना के नाम से हैदराबाद के पते पर फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवा लिया। उसके बाद उसने एक बैंक में खाता भी खोल लिया। पूछताछ में चीनी नागरिक ने कहा है कि पिछले साल हैदराबाद में उसका पासपोर्ट कहीं गिर गया था, जिसकी उसने रिपोर्ट नहीं लिखाई थी।
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दर्ज किया गया मुकदमा
- नौतनवा के पुलिस क्षेत्राधिकारी धर्मेंद्र कुमार यादव ने बताया कि आव्रजन विभाग के अधिकारी की तहरीर पर पकड़े गए चीनी नागरिक और उसके सहयोगी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।