महराजगंज। सोनौली बॉर्डर तक पहुंचते ही नेपाली जहरखुरानी का शिकार हो जाते हैं। उनकी गाढ़ी कमाई जहरखुरान लेकर भाग जात हैं। जहरखुरानी के शिकार लोगों को कार्रवाई के नाम पर आश्वासन देकर उन्हें नेपाल भेज दिया जाता है। नेपाल की बेलहियां पुलिस के मुताबिक एक माह में 7 नेपाली जहरखुरानी का शिकार हुए और उनसे हजारों रुपये नकद के अलावा कीमती सामान लूटकर जहरखुरान भाग गए।
भारत के विभिन्न शहरों में काम करने वाले नेपाली नागरिक जब अपने देश जाते हैैं तो उनके साथ अक्सर बॉर्डर के पास जहरखुरानी की घटना हो जाती है। पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर पाती है और जहरखुरानी के शिकार लोगों को रिक्शे पर बैठाकर नेपाल भेजकर दायित्व की इतिश्री कर लेती है। बीते माह 22 जुलाई को दिल्ली से आ रहे बम बहादुर नौतनवां के करीब जहरखुरानी का शिकार हो गए। उनके पास मौजूद रुपये और मोबाइल लेकर जहरखुरान लेकर भाग गए। नेपाल के गुल्मी में रहने वाले राजू बीते एक अगस्त को सोनौली कस्बे में बेहोश मिले। इनके पास मौजूद 27 हजार रुपये जहरखुरान लेकर भाग गए। इसी तरह संजय नौतनवां कस्बे में 8 अगस्त को जहरखुरानी के शिकार हुए। इनके पास मौजूद 30 हजार रुपये लेकर जहरखुरान लेकर भाग गए। बीते 11 अगस्त को एलआई भंडारी भी जहरखुरानी के शिकार हुए और जहरखुरान इनके पास मौजूद 23 हजार रुपये सहित मोबाइल लेकर भाग गए। यही नहीं, बीते 13 अगस्त को दिलबहादुर, 19 अगस्त को रामकाजी और 12 सितंबर को चित्रा भंडारी भी जहरखुरानी के शिकार हुए। इन सभी के पास मौजूद रुपये व मोबाइल लेकर जहरखुरान भाग गए। इन सभी को बेहोशी की हालत में पुलिस ने देखा तो नेपाल भेजवाया। बेलहिया में हेल्प डेस्क बनाया गया है। जहां ये मामले दर्ज होते हैं। ज्यादातर मामले हेल्प डेस्क के पास दर्ज भी नहीं हो पाते हैं।
आंकडे़ की बात करें तो यह पता चलता है कि भारत के विभिन्न स्थानों से कामकाज कर लौटे नेपाली सरहद तक आते - आते लूट के शिकार हो जाते हैं। उनके साथ होने वाली जहरखुरानी व लूट आदि की घटनाएं बॉर्डर पर सुरक्षा कर्मियों की सजगता की पोल खोलने के लिए काफी हैं। दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बनारस, इलाहाबाद समेत अन्य शहरों में नेपाली मूल के लोग कामकाज करने के लिए आते हैं। अवकाश मिलने पर अपनी मेहनत की कमाई को लेकर जब ये घर आते हैं तो इनके साथ जहरखुरानी जैसी घटनाएं सरहद के पास हो जाती हैं। इन दिनों दशहरा पर्व करीब है। देेश के विभिन्न स्थानों पर काम करने वाले नेपाली अपने घर को लौटने लगे हैं। उन्हें कोई दिक्कत न हो, इसके लिए बेलहियां में हेल्प डेस्क बनाया गया है।
नेपाल के बेलहियां थाने के इंस्पेक्टर रविन विष्ट का कहना है कि सरहद पर जहरखुरानी कर नेपाली नागरिकों की रकम व सामान लूट लिए जाते हैं। इसके लिए भारत में भी सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जानी चाहिए। ज्यादातर घटनाएं सोनौली बॉर्डर पर होती हैं। बॉर्डर पर पुलिस सजग होगी तो इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। जहरखुरानी के शिकार नेपालियों को इलाज कराने के बाद उनके घर भेज दिया जाता है। उधर, एएसपी महराजगंज आशुतोष शुक्ला का कहना है कि बॉर्डर पर पुलिस सजग है। अगर कोई इस तरह का मामला सामने आता है तो पुलिस पीड़ित नेपाली को सुरक्षित सरहद पार पहुंचाने में मदद करती है। बॉर्डर एरिया में पुलिस कड़ी निगरानी में लगी हुई है। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।