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न्याय नहीं मिलने पर आन्दोलन की चेतावनी

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न्याय न मिलने पर आंदोलन करने की दी चेतावनी
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पुलिस पर झूठी कहानी गढ़कर हत्याकांड में फंसाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के पचदेउरी गांव निवासी दवा व्यापारी रामसकल हत्याकांड के पर्दाफाश के पुलिस के दावे को लोगों ने फर्जी करार दिया है। हत्याकांड के आरोपी युवक एवं मृतक के परिजनों समेत गांव के कुछ अन्य लोग पुलिस पर झूठी कहानी गढ़ने का आरोप लगा रहे हैं। परिजनों समेत गांव के लोगों ने न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
रामसकल के पिता चतुरी ने बताया कि पहले तो पुलिस इस मामले को दुर्घटना करार दे रही थी, लेकिन सड़क जाम कर प्रदर्शन हुआ तो पुलिस बैकफुट पर आ गई। काफी जद्दोजहद के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने झूठी कहानी गढ़कर इस मामले का पर्दाफाश करने का दावा कर दायित्व की इतिश्री कर दी। पचदेउरी गांव के लोगों ने भी पुलिस के इस दावे पर सवाल उठाया और इस मामले की फिर से जांच करने की मांग की। मृतक की पत्नी विंदा ने बताया कि घटना के बाद अंगूठी, फोन सहित अन्य सामान मिले। अगर लूटने की नीयत से किसी ने हत्या की होती तो ये सामान नहीं मिलते। हमलावरों को लूटना ही था तो अंगूठी सुरक्षित कैसे मिली। आरोप लगाया कि पति की हत्या लूट के नीयत से नहीं बल्कि साजिश के तहत कराई गई है, जिसे पुलिस दबाना चाहती है। मृतक के पिता चतुरी ने श्यामदेउरवां पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस गवाही देने के लिए दबाव बना रही है। पचदेउरी ग्राम सभा की दर्जनों महिलाओं ने भी आरोप लगाया कि पुलिस झूठी कहानी बनाकर असली हत्यारे को बचाने की कोशिश कर रही है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर असली हत्यारे नहीं पकड़े जाते हैं तो गांव के लोग लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। हत्यारोपी सत्यम मणि के पिता सुरेंद्र भी पुलिस की कार्रवाई को गलत ठहरा रहे हैं।
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थानाध्यक्ष निर्भय सिंह ने दावा किया कि इस मामले का पर्दाफाश सही किया गया है। जांच पड़ताल के बाद ही पुलिस कार्रवाई करती है। बिना वजह इस मामले को तूल देने की कोशिश हो रही है। लोगों के आरोपों में सच्चाई नहीं है।
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