महराजगंज। सिसवा कस्बे के चंद्रशेखर हत्याकांड में पुलिस के रवैए से लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है। 24 अगस्त की घटना का सुराग लगा पाने में विफल पुलिस के खिलाफ लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। हत्याकांड के पर्दाफाश की मांग को लेकर चंद्रशेखर की मां के साथ तमाम लोगों ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। शीघ्र पर्दाफाश न होने पर सीएम आवास पर आमरण अनशन की चेतावनी दी गई। आंदोलन को समर्थन में उतरे पूर्व सांसद कुंवर अखिलेश सिंह ने कहा कि हत्याकांड का पर्दाफाश करने के बजाए पुलिस खामोश बैठी है।
चंद्रशेखर की मां शांति देवी ने कहा कि हत्यारों को पुलिस पकड़ने के बजाए मामले को उलझाने में लगी है। उसका साथी ईश्वर घटना के बाद से ही पुलिस कस्टडी में है फिर भी पुलिस हत्यारों तक नहीं पा रही है। इससे साफ है कि पुलिस इस हत्याकांड पर पर्दा डालने में लगी है। अगर पुलिस इस मामले में और लापरवाही की तो सीएम को पुलिस की उदासीनता की कहानी बताई जाएगी। साथ ही सीएम आवास पर आमरण अनशन किया जाएगा। इस घटना की जांच सीबीसीआईडी या फिर किसी अन्य एजेंसी से कराई जाए। अब तो पुलिस से भरोसा उठ रहा है।
समाजसेवी रोशन मद्धेशिया ने कहा कि अमित हत्याकांड की तरह चंद्रशेखर हत्याकांड को भी पुलिस दबाने की योजना बना चुकी है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका ठीक नहीं है। हत्या के बाद तमाम लोगों को पुलिस ने उठाया लेकिन नतीजा शून्य रहा।
कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने पुलिस प्रशासन को निष्क्रिय करार देते हुए दूसरी एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। इस दौरान अमरेंद्र मल्ल, सुरेश मद्धेशिया, अशोक गुप्ता, राधेश्याम मौर्य, राकेश यादव, विष्णु मद्धेशिया, वीरेंद्र, अनिल कुमार, नेहा, मालती, मंजू, सुमित, मीना, रामअधार आदि मौजूद रहे।