महराजगंज। जालसाज तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों का खाता खाली कर रहे हैं। साइबर ठगों ने क्रेडिट कार्ड अपडेट करने का झांसा देकर 74,000 तो एक व्यक्ति से ओटीपी पूछकर 71,314 रुपये उड़ा लिए। एक सप्ताह में 10 मामले साइबर थाने में आए हैं। लोगों से करीब 24 लाख रुपये की ठगी हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, बड़बड़हवा गांव निवासी शैलेष सिंह को कुछ रकम की जरूरत पड़ी तो उन्होंने कर्ज लेने के लिए एक लिंक पर जानकारी साझा की। उनको लिंक में प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया। उन्होंने अपनी पूरी जानकारी दी तो एक लिंक आया, उसमें कुछ जानकारी भरने के लिए कहा गया। जानकारी डालते ही ओटीपी मांगा गया। उन्होंने जैसे ही ओटीपी बताई उनके खाते से 71,314 रुपये उड़ गए। बाद में उनको धाेखाधड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने साइबर थाने में पहुंच कर केस दर्ज कराए।
इसी तरह से सुभाष नगर निवासी शंभू सिंह यादव भी तीन दिन पहले ठगी के शिकार हो गए। उन्होंने एचडीएफसी बैंक का क्रेडिट कार्ड लिया है। कार्ड का उन्होंने उपयोग नहीं किया था। इस बीच एक फोन उनके पास आया तो उनको लगा की बैंक से ही फोन आया है। जालसाज ने उनसे क्रेडिट कार्ड अपडेट करने की बात कही। उन्होंने जालसाज को पूरी जानकारी दे दी। इसके बाद 74 हजार रुपये कट गए। उन्हें रकम निकलने की जानकारी नहीं हुई। एक दिन बाद उनको मजदूरी देनी थी तो उन्होंने अपने शुभचिंतक को क्रेडिट कार्ड से रकम निकालने के लिए भेजा। वह रकम निकालने गए तो पता चला की क्रेडिट कार्ड अपडेट नहीं है। वह बैंक पहुंचे तो जानकारी हुई की खाते में रकम ही नहीं है। यह सुनकर वह सन्न रह गए। उन्होंने साइबर थाने में प्रार्थनापत्र देकर शिकायत दर्ज कराई।
जालसाज पहले से पता कर रहे जानकारी
जानकार बता रहे हैं कि साइबर फ्रॉड पहले यह पता लगा रहे हैं की किसके बच्चे बाहर पढ़ाई करते हैं या कोई काम कर रहे हैं, फिर नंबर निकलकर परिजन को फोन कर रहें की आप का लड़का गैंगरेप मामले में फंस गया है, उसको बचाना है तो खाते में पैसा दें। इसमें फंसकर लोग रकम गवां रहे हैं।
जालसाज व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर खेती-किसानी संबंधी जानकारी देकर झांसा दे रहे हैं। ग्राहक सेवा केंद्र लेने के लिए भी लिंक भेज रहे हैं। पूरी जानकारी प्राप्त करते हुए फोन हैक हो जा रहा है। अगर डोमेन नेम में .apk हो तो उस लिंक पर क्लिक न करें।
-अनिल विश्वकर्मा, आईटी विशेषज्ञ
व्हाट्सएप से आए किसी भी लिंक को क्लिक न करें
पुलिस अधीक्षक साेमेंद्र मीणा ने बताया कि साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर जानकारी दें। फोन कॉल, एसएमएस या अन्य किसी माध्यम से ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन और सीवीवी किसी के साथ शेयर न करें। एसएमएस और व्हाट्सएप से आए किसी भी लिंक को क्लिक न करें। किसी के भी कहने पर रिमोट एक्सेस एप जैसे क्यूक स्पोर्ट, एनीडेस्क, टीम विवर, एंड्रॉयड आदि को प्ले स्टोर से डाउनलोड न करें और न ही इनके आईडी व पासवर्ड किसी से शेयर करें। फोन, ईमेल, एसएमएस या व्हाट्सएप पर आए नौकरी, लॉटरी जैसे विज्ञापनों पर विश्वास न करें। एटीएम से पैसे निकालते या जमा करते समय किसी भी अंजान व्यक्ति की सहायता न लें। अपने एटीएम पिन को समय-समय पर बदलते रहें। फोन और एप को हमेशा नए वर्जन के साथ अपडेट रखें और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर जरूरत से ज्यादा निजी जानकारियां शेयर न करें।