बड़वार में विद्यालय में बदहाल पेयजल व्यवस्था।
महराजगंज। शिक्षा विभाग के भी कारनामे अजब हैं। अपनी कमियां छिपाने के लिए विभाग हजारों जतन कर रहा है। विभाग की जांच रिपोर्ट में परिषदीय स्कूल फीट हैं और सभी सुविधाएं हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही हैं। पनियरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी ही नहीं है तो पूर्व माध्यमिक विद्यालय की टोटियां टूटी पड़ीं हैं। अब आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि विभाग ने किस तरह से रिपोर्ट बनाई होगी।
हाल ही में शिक्षा विभाग ने जिले में संचालित सभी परिषदीय स्कूलों का 19 बिंदुओं पर जांच कराया। जांच में मुख्य रूप से पेयजल, बालक एवं बालिका शौचालय, शौचालय में पानी की व्यवस्था, टायलीकरण, हाथ धुलने की व्यवस्था, कक्षाओं में टायलीकरण, ब्लैकबोर्ड, रसोई घर, रंगाई पुताई, दिव्यांगों के लिए रैंप, बिजली व्यवस्था, यूरीनल, फर्निचर, पानी की आपूर्ति व चहारदीवारी आदि की स्थिति को देखा। जैसे तैसे रिपोर्ट बनाकर दायित्व की इतिश्री कर दी गई, लेकिन अमर उजाला की पड़ताल में परिषदीय स्कूलों में बदहाली नजर आई।
बड़वार प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी ही नहीं
पनियरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बड़वार की स्थिति विभाग के दावे के सीधे विपरीत है। यहां तो विद्यालय की चहारदीवारी नहीं हैं, पेयजल के लिए इंडिया मार्का हैंडपंप तो लगा है लेकिन उसका फर्स टूटा है। हाथ धोने के लिए बनाया गया मल्टीपल हैंड वासिंग यूनिट की सभी टोंटियां टूटी हैं। अतिरिक्त कक्षा-कक्ष में गंदगी का अंबार लगा है। शौचालय की दीवारों की रंगाई-पुताई भी ठीक नहीं है। हैंडवास के बने बेसिन पर भी धूल जमी हुई है। दीवारों पर काईयां जमी हैं।