परा खादर गांव में निर्माणाधिन अमृत सरोवर।
महराजगंज। परतावल ब्लाॅक के सात ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये खर्च कर अमृत सरोवर का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण की रफ्तार सुस्त होने के कारण किसी भी गांव का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है। जिस तालाब का सुंदरीकरण कराया गया है वह देखरेख के अभाव में अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। अधिकतर गांवों में सिर्फ मिट्टी का कार्य कराकर छोड़ दिया गया है। योजना की जब शुरुआत हुई तो काफी तेजी के साथ कार्य शुरू कराया गया, लेकिन धीरे-धीरे निर्माण सुस्त होता गया।
परतावल ब्लॉक के ग्राम पंचायत बसहियां बुजुर्ग में अमृत सरोवर का निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में सुंदरीकरण का कार्य कराया गया। उसके बाद जस का तस छोड़ दिया गया। तालाब को अमृत सरोवर बनाने की जिम्मेदारी जिला पंचायत विभाग को दी गई है।
जिला पंचायत द्वारा अभी तक निर्माण के नाम पर सिर्फ मिट्टी का कार्य हुआ है। सरोवर में अभी तक चारों तरफ से सीढ़ियों का निर्माण नहीं हो सका है। बैठने के लिए सीट की कोई व्यवस्था नहीं है। इंटरलॉकिंग नहीं कराई गई है। कहीं पेड़-पौधे भी नहीं लगे हैं। सामुदायिक शौचालय की दीवार पर अमृत सरोवर का बोर्ड बना है।
गांव के संजय ने बताया कि अमृत सरोवर पर विकास कार्य नहीं कराया गया है। ग्राम प्रधान सावित्री ने बताया कि अमृत सरोवर पर सिर्फ मिट्टी का कार्य ही कराया गया है। अमृत सरोवर बनवाने की जिम्मेदारी अब जिला पंचायत विभाग को दी गई है। जिला पंचायत द्वारा भी निर्माण नहीं कराया जा रहा है।
पिपरा खादर गांव में बने अमृत सरोवर का सुंदरीकरण कराया गया है। एक तरफ की सीढ़ी तथा तीन तरफ से बाउण्ड्रीवाल का निर्माण भी पूरा हो गया है। लेकिन पाथवे, एक तरफ की बाउंड्री व अन्य जरूरी कार्य अभी भी अधूरे हैं। सरोवर में पानी भरा है। रोजगार सेवक इंद्रमणि ने बताया कि पानी भरने के वजह से निर्माण कार्य रोक दिया गया था। जल्द ही निर्माण शुरू कराया जाएगा। यही हाल सोहवल, बड़हरा, बसहिया खुर्द आदि गांवों का भी है। आधा-अधूरा कार्य कराकर छोड़ दिया गया। कई ग्राम प्रधानों का कहना है कि निर्माण कराने के बाद भी भुगतान नहीं हो पा रहा है। धन के अभाव के कारण निर्माण कार्य में तेजी नही आ पा रही है।
अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी दिलीप गौतम ने बताया कि अमृत सरोवर के निर्माण में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा।