महराजगंज। फोरलेन निर्माण के दायरे में आने वाली जमीनों का शासन से धन अवमुक्त होने के महीनों बाद भी आधे किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका है। 81.20 करोड़ के सापेक्ष 45.06 करोड़ रुपये का मुआवजा ही वितरित किया गया है।
महराजगंज शहर से नेपाल बॉर्डर को जोड़ने वाली एनएच-730 निर्माण के लिए जमीनों का अधिग्रहण हो चुका है। शासन से धन अवमुक्त होने के महीनों बाद भी आधे किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है। इससे फोरलेन निर्माण में अभी तेजी नहीं आ रही है। विभाग द्वारा सड़क के किनारे स्थित पेड़ों की कटाई भी रूकी है। महराजगंज निचलौल ठूठीबारी नेपाल बॉर्डर तक बनने वाली फोरलेन में दो तहसील क्षेत्र सदर व निचलौल के 19 गांव के 1943 किसानों की करीब 24.742 हेक्टर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए शासन द्वारा 81 करोड़ 20 लाख 64 हजार चार सौ अठावन रुपये अवमुक्त किया गया था, जिसमें अब भी 36.14 करोड रुपये किसानों में वितरित किया जाना शेष है। इसके चलते फोरलेन का निर्माण रफ्तार नहीं पकड पा रही है।
सदर तहसील के 5 गांव के 201 गाटों के करीब 895 किसानों की करीब 19.906 हेक्टर भूमि अधिग्रहित होनी थी। इसके सापेक्ष शासन द्वारा 67.05 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए थे। इसमें से 37.67 करोड़ रुपये का मुआवजा किसानों को दिया जा चुका है। अभी भी 29.38 करोड़ रुपये किसानों को मुआवजे के रूप दिया जाना अवशेष है, तो वहीं निचलौल तहसील के 14 गांवों के 214 गाटों के करीब 1044 किसानों की 4.836 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी थी। जिसके सापेक्ष शासन द्वारा 14.15 करोड रुपये अवमुक्त किए गए थे, जिसमें से अब तक 7.38 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया गया।
अब भी 6.76 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जाना शेष है। बतादें कि इस सड़क के निर्माण होने से भारत-नेपाल के बीच आवागमन सुगम होगा। अंतरराष्ट्रीय सोनौली बाॅर्डर पर यातायात का दबाव भी कम होगा। यही नहीं सोनौली की तुलना में महराजगंज के रास्ते नेपाल जाने वालों की दूरी 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। जबकि काठमाडों की यात्रा करने वालों को करीब 60 किलोमीटर की दूरी कम होगी। सड़क को 10 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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40 किमी सड़क पर खर्च होंगे 809.25 करोड़ रुपये
महराजगंज से निचलौल-ठूठीबारी तक कुल 40.390 किलोमीटर तक सड़क बनाया जाएगा। इसपर कुल 809.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़क चौड़ीकरण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व जिला प्रशासन द्वारा कैपिटल थ्री-ए के तहत सड़क का सर्वे कर वहां लाल निशान व पिलर लगाने का कार्य पूरा हो गया है। हाईवे को बेहतर व टूलेन पेब्ड शोल्डर 10 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। 40 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का डीपीआर एनएच की तरफ से बनाया गया है। इसके बनने से महराजगंज से नेपाल जाने के लिए वाहन चालकों को एक और बेहतर मार्ग मिल जाएगा।
हाई वे की जद में आ रहे चार हजार पेड़, कटे महज 257
महराजगंज शहर से नेपाल बार्डर ठूठीबारी तक जाने बनने वाली फोरलेन के दायरे में आने वाले चार हजार पेड़ों में अभी तक महज 275 पेड़ कटे हैं। सड़क निर्माण से जुड़ी सभी जरूरी प्रक्रिया एक एक कर पूरी की जा रही है। जमीनों की अधिग्रहण पूरा कर मुआवजा बांटने के साथ ही पेड़ों की कटाई भी तेजी से की जाएगी।
जमीनों का मुआवजा तेजी से वितरित किया जा रहा है। शेष किसानों को मुआवजा देने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सड़क के दायरे में आने वाली जमीनों के अधिग्रहण से संबंधित कार्यों को तेजी से किया जा रहा है।
-मदन मोहन वर्मा, भूमि अध्याप्ति अधिकारी
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हाईवे का निर्माण कराने के लिए टेंडर एक दो दिन के अंदर निकल जाएगा। इससे जुड़ी सभी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी हैं। आने वाले दिनों में काम तेजी से किया जाएगा।
-प्रभात चौधरी, अधीशासी अभियंता, एनएचआईए