महराजगंज। चीनी लहसुन सेहत के लिए खतरनाक है फिर भी सीमावर्ती इलाकों में इसकी भरमार है। सस्ते के चक्कर में तस्कर इसे भारतीय बाजारों में भर दिए हैं। यह गोरखपुर से लेकर कानपुर मंडी तक पहुंचाया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद नौतनवा कस्टम ने मंगलवार को 1400 बोरी लहसुन नष्ट करा दिया।
बीते माह कस्टम ने क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से चाइनीज लहसुन की 1400 बोरियां बरामद की थी। कस्टम ने जांच के लिए लहसुन को प्रयोगशाला भेजा था। रिपोर्ट आने के बाद इसे स्वास्थ्य के लिए हितकर नहीं बताया गया। मंगलवार को नौतनवा गैस गोदाम के पीछे जेसीबी से कुचलकर लहसुन को नष्ट किया गया। कस्टम डीसी वैभव सिंह ने बताया कि बरामद चाइनीज लहसुन खाने योग्य नहीं था, जिसको जांच के बाद नष्ट कर दिया गया।
इस मौके पर नौतनवा कस्टम अधीक्षक एसके पटेल, शुभम सिंह, एचआर गुरुंग, पुष्पेंद्र यादव आदि मौजूद रहे। उधर, नौतनवा मंडी में चाइनीज लहसुन नहीं होने की बात अधिकारी कह रहे हैं। नवीन मंडी के कारोबारी विनय कुमार कहते हैं कि यहां राजस्थान से देसी लहसुन आता है। इन दिनों भारतीय लहसुन की बिक्री प्रभावित हुई है। कारोबारी आलोक भी देसी लहसुन ही बिक्री करने की बात कहते हैं।
उन्होंने कहा कि थोड़े से लाभ के चक्कर में सेहत से खिलवाड़ करना ठीक नहीं है। इन दिनों देसी लहसुन की बिक्री कम हो रही है। इसका कारण सभी को पता है। चाइनीज लहसुन की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कारोबारियों के अनुसार, सात से आठ टन लहसुन की खपत प्रत्येक दिन होती है। नेपाल में चाइनीज लहसुन 80 से 90 रुपये प्रति किलो मिल जाता है। वहीं भारतीय क्षेत्र में यही लहसुन 250 से 270 रुपये प्रति किलो की दर से बिक जाता है। लहसुन की बिक्री के खेल को समझने के लिए मंडी में सूत्रों से संपर्क करना पड़ा।
सूत्रों की माने तो देसी लहसुन की बिक्री प्रभावित हो रही है। चाइनीज लहसुन नहीं आता था तो भारतीय लहसुन 250 से 270 रुपये के भाव से बिक जाता है। इससे भारतीय किसानों और इमानदारी से कारोबार करने वालों को लाभ होता है। चाइनीज लहसुन सस्ता होने के कारण मोटा लाभ लेने के चक्कर में खेल किया जा रहा है। कुछ तो मिलावट कर बेच रहे हैं, लेकिन कुछ उसी तरह से ही बिक्री करने में जुटे हैं।
चाइनीज लहसुन के चक्कर में भारतीय लहसुन का भाव गिर गया। करीब 20 से 25 रुपये सस्ता हो गया है, क्योंकि कारोबारी रकम फंसाने के मूड में नहीं हैं। चाइनीज लहसुन की आवक अधिक होने से भारतीय लहसुन का स्टाक करने वाले कारोबारी परेशान हैं। उनकी रकम न फंसे इस वजह से स्टाक खाली करने की व्यवस्था में रहते हैं। बाजार में भारतीय और चाइनीज लहसुन की पहचान में लोग धोखा खा जाते हैं। कारोबारी गोरख राय ने बताया कि ग्राहक देसी लहसुन की ही मांग करते हैं, लेकिन सब्जी विक्रेता या व्यापारी बड़े लाभ के लिए चाइनीज लहसुन ही अधिक मात्रा में रखते हैं। एक व्यापारी रोजाना लगभग 20 से 25 किलो बेच देता है।
इन क्षेत्रों में चीन के लहसुन की भरमार
सूत्र बताते हैं कि भारतीय बाजारों में नेपाल के रास्ते आ रहा चाइनीज लहसुन भारतीय बाजारों में बिक रहा है। भारतीय क्षेत्र हरदीडाली चौराहा, खनुआ, नौतनवा, खोरिया बाजार, संपतिहा, पैसिया बाबू, चंडीथान, सोनौली, भगवानपुर, मुड़िला, एकसड़वा, कोल्हुई, नौतनवां नवीन मंडी, रतनपुर, सुंडी, शेख फरेंदा, बरगदवा, परसामलिक, केवटलिया आदि स्थानों व बाजारों में चाइनीज लहसुन की भरमार है।
देसी लहसुन की यह है पहचान
-देसी लहसुन की कलियां थोड़ी छोटी होती हैं।
-इनमें दाग-धब्बे भी नजर आते हैं
-छिलका ज्यादा सफेद नहीं होता है।
-लहसुन पलट कर देखें, निचले हिस्से में दाग सा दिखाई देगा।
ऐसे होता है चाइनीज लहसुन
-चाइनीज लहसुन दिखने में सुंदर और उसकी कलियां बड़ी होती हैं।
-उसका स्वाद बेहतर नहीं होता है।
-लहसुन को छीलना आसान होता है।
-पलटकर देखने पर भी लहसुन बिल्कुल सफेद होता है।
पिछले दो माह से चाइनीज लहसुन की बरामदगी
-16 अगस्त को मुड़िलाघाट से 55 बोरी लहसुन बरामद किया गया था।
-21 अगस्त को सशस्त्र सीमा बल जोगिया बारी के जवानों ने बाइक पर लदा नौ बोरी लहसुन बरामद किया।
-27 अगस्त को बीओपी मोहरीघाट के जवानों ने 25 बोरी चाइनीज लहसुन बरामद किया।
-एक सितंबर को नौतनवा पुलिस की संपतिहा पुलिस ने कुरहवाघाट से चार बोरा लहसुन बरामद किया।
-चार सितंबर को पुलिस ने पिकअप पर लदा 35 बोरी चाइनीज लहसुन बरामद किया।
-सात सितंबर को पुलिस ने 166 किलो चाइनीज लहसुन बरामद किया।
-नौ सितंबर को सोनौली पुलिस ने पांच बोरा चाइनीज लहसुन बरामद किया।