महराजगंज। भारतीय बाजारों में बिकने वाला चाइनीज लहसुन खा रहे हैं तो सचेत हो जाएं क्योंकि विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेहत के लिए लाभकारी नहीं हो सकती है। वहीं भारतीय लहसुन सेहत के लिए फायदेमंद है। चाइनीज लहसुन तस्कर नेपाल से भारत लाकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। इस धंधे से जुड़े लोग दोगुने से ज्यादा लाभ के चक्कर में बिक्री कर रहे हैं। नेपाल से 60 से 80 रुपये प्रति किलो लहसुन लाकर भारतीय क्षेत्र में 200 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, बीते दिनों में सुरक्षा कर्मियों ने चाइनीज लहसुन बरामद किया था। कभी तीन बोरी तो कभी 50 बोरी चाइनीज लहसुन बरामद हुआ। सरहद पर सख्ती के कारण तस्कर अक्सर पकड़े जा रहे हैं। समय के हिसाब से तस्कर सामान सरहद पार करते हैं। जिस क्षेत्र में जो सामान महंगा होता है, उसी की तस्करी होने लगती है। इन दिनों भारतीय क्षेत्र में लहसुन 200 से 260 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है।
इसे देखते हुए तस्करों ने फायदा उठाना शुरू कर दिया है। भारतीय क्षेत्र के धंधेबाज भी ज्यादा लाभ के चक्कर में तस्करों से लहसुन खरीद लेते हैं। इसकी बिक्री धड़ल्ले की जा रही है। भारत सरकार ने साल 2014 में चाइनीज लहसुन के आयात पर पूर्ण रूप से बैन लगा दिया है। इन दिनों सरहद पर लगातार चाइनीज लहसुन की बरामदगी समय-समय पर होती है।
सूत्र बताते हैं कि बहुआर, झुलनीपुर, रेंगहिया, शीतलापुर, लक्ष्मीपुर, ठूठीबारी, रामनगर, बरगदवा सहित अन्य पगडंडी रास्तों से चाइनीज लहसुन की तस्करी हो रही है। जानकार बताते हैं कि भारतीय लहसुन के कीमतों में उछाल के पीछे मुख्य कारणों में फसल का नुकसान और बुआई में देरी है। भारतीय बाजारों में चाइनीज लहसुन के आने के बाद से स्थानीय व्यापारी परेशान हैं।
चाइनीज लहसुन का स्वाद में ठीक नहीं होता
कृषि विज्ञान केंद्र वसुली के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. डीपी सिंह ने बताया की आजकल फल और सब्जियों में तेजी से मिलावट की जाने लगी है। ज्यादा पैदावार के लिए फल-सब्जियों में हानिकारक केमिकल्स का उपयोग किया जा रहा है। चाइनीज लहसुन को उगाने में मेटल, लेड और क्लोरीन का उपयोग किया जाता है। ऐसे में आपको सावधान रहने की जरूरत है। चाइनीज लहसुन दिखने में सुंदर और उसकी कलियां बड़ी होती है, लेकिन उसका स्वाद बेहतर नहीं होता है। इस लहसुन को छीलना भले ही आसान हो, लेकिन ये सेहत के लिए बहुत लाभदायक नहीं होता है।
ऐसे करें असली और नकली लहसुन की पहचान
कृषि वैज्ञानिक ने कहा की बाजारों में लहसुन की खरीदारी करते वक्त आप कुछ बातों को ध्यान में रखते हुए लहसुन की पहचान कर सकते हैं। सबसे पहली बात बाजारों में ज्यादा सफेद और मोटा लहसुन बिक रहा हो तो उसे खरीदने से बचें। क्योंकि देसी लहसुन की कलियां थोड़ी छोटी होती हैं, और इनमें दाग-धब्बे भी नजर आते हैं। छिलका उतना सफेद नहीं होता है। यही लहसुन की पहचान है, कि आप लहसुन पलट कर देखें अगर निचले हिस्से में दाग सा दिखाई दे, तो भारतीय लहसुन है। अगर पलटकर देखने पर भी लहसुन बिल्कुल सफेद हो तो ये चाइनीज लहसुन हो सकता है।
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छापा मारकर कार्रवाई की जाती
निचलौल कस्टम अधीक्षक केएन सिंह ने बताया की बरामद लहसुन को टेस्ट के लिए लैब में भेजा जाता है। जांच के रिपोर्ट के बाद पता चलता है की वह खाने योग्य है, या नहीं। मुखबिर के आधार पर सीमावर्ती क्षेत्रों में छापा मारकर कार्रवाई की जाती है।