महराजगंज। जाति, आय प्रमाण पत्र बनवाने में लोगों को परेशानी हो रही है। आवेदन में रिपोर्ट लगाने में भी गड़बड़ी कर दी जाती है। इससे आवेदन निरस्त हो जा रहे हैं। लोगों को दूसरी बार आवेदन करना पड़ रहा है।
जिले की सभी तहसीलों में आवेदन रिजेक्ट होने से आवेदक परेशान हैं। वहीं आधार अपडेट नहीं होने से भी समस्या बढ़ गई है। सदर तहसील में 3367 आवेदन निरस्त हो गए हैं। इन्हें दोबारा आवेदन करना पड़ रहा है। राजस्व कर्मियों की लापरवाही से कुछ आवेदनों में दिक्कतें आ रही हैं, तो कुछ मामलों में जनसेवा केंद्रों से गलत जानकारी अपलोड की जा रही है। आठ फरवरी से ही आधार कार्ड आधारित ओटीपी के माध्यम से प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। जिनके आधार कॉर्ड में नाम में त्रुटियां हैं, उनके आवेदन भी लंबित हैं।
जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र के बिना लोगों के काम भी नहीं हो पा रहे हैं। एक जनवरी से 15 मार्च तक जाति और आय प्रमाण के लिए 20233 आवेदन हुए थे, इनमें 3367 आवेदन निरस्त हो गए। इनमें 111 जाति और 156 आय के आवेदन लंबित हैं। जाति के 1734, आय के 612 और निवास प्रमाण पत्र 1021 आवेदन कमियां मिलने के कारण निरस्त हुए हैं।
आवेदन निरस्त होने के प्रमुख कारण
राजस्व कर्मियों के फोल्डर में निर्धारित समय से अधिक दिन तक आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए, इस कारण पर्याप्त साक्ष्य या जानकारी के अभाव में आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं। कुछ मामलों में अधूरी जानकारी भी आवेदन रिजेक्ट होने का कारण बन रही है। राजस्व विभाग में राजस्व गांव लिखना चाहिए, लेकिन कुछ लोग पत्राचार का स्थानीय पता भरकर भी मायूस हो रहे हैं। जिन लोगों का आवेदन रिजेक्ट हुआ है, उनमें कम लोग ही शिकायत कर रहे हैं।