महराजगंज। फर्जी दस्तावेज तैयार करके दूसरे लोगों के नाम से बड़ौदा यूपी बैंक के विभिन्न शाखाओं से 52 लाख रुपये का लोन निकालने वाले शातिरों का भंडाफोड़ तब फूटा, जब बैंक के अधिकारियों ने दस्तावेजों का सत्यापन किया। आनन फानन में बड़ौदा यूपी बैंक के उप प्रमुख आशीष सिंह सिंह पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल नितीश कुमार यादव और पांच साथियों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने कांस्टेबल समेत छ के धोखाधड़ी मामले के में केस दर्ज जांच पड़ताल हो रही है।
उप प्रमुख आशीष सिंह का आरोप है कि महराजगंज पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल नितीश कुमार यादव पहले अपने से फर्जी दस्तावेज तैयार करके 5 लाख रुपए का लोन स्वीकृत करवा लिया। कुछ समय बाद पुनः कांस्टेबल ने अपने साथियों के सहयोग से फर्जी दस्तावेज बनाकर अलग-अलग शाखाओं से कुल 52 लाख रुपए का लोन निकाल लिया। जब बैंक के अधिकारियों ने लोन प्राप्त किए व्यक्तियों के घर पर जाकर कागजातों का सत्यापन कराया गया तो बैंक कर्मचारियों के सामने सारा पोल खोल खुल गया। वहीं कोतवाली पुलिस ने पुलिस लाइन में तैनात पुलिस कांस्टेबल नितीश कुमार यादव सहित उसके छ: साथियों के गिरफ्तार करने के लिए हिलाहलाली कर रही है।
स्थानीय पुलिस का कहना है कि इस प्रकरण में विवेचना प्रचलित है। जांच पड़ताल की जा रही है आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। सूत्रों की माने तो आरोपी कांस्टेबल और उसके साथी दूसरे लोगों के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार करके लोन निकालने काम करते थे। जांच पड़ताल के लिए उनके संबंधित ठिकानों पर तलाश की जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक राहुल शुक्ला ने बताया कि पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल नितीश कुमार यादव उसके साथी प्रमोद कुमार यादव, संदीप अग्रहरि,अजय सहानी, लक्ष्मीकांत यादव, संदीप कुमार यादव,के खिलाफ धोखाधड़ी में केस दर्ज किया गया है।विवेचना की जा रही है। जब तक साक्ष्य नहीं मिलेंगे, तब तक आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकती है।