ठूठीबारी। प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थी से धोखाधड़ी कर रुपये लेने के मामले में कोर्ट के आदेश पर पूर्व ग्राम प्रधान, सचिव व प्रधान के सहयोगी के खिलाफ धोखाधड़ी व एससी एसटी के तहत केस दर्ज किया गया। पूर्व प्रधान पर आरोप है कि आवास की रकम को झांसा देकर निकाला गया है। जानकारी होने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दिया गया है।
ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बकुलडीहा लाला टोला निवासी सुमित्रा देवी ने न्यायालय को दिए गए पत्र में कहा कि गरीब व अनुसूचित जाति की आवास विहिन महिला हूं। मेरे गैर मौजूदगी में वित्तीय वर्ष 2016-2017 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) लाभार्थी के रुप में पंजीकरण कराया गया था।
इसमें मेरे बैंक खाता संख्या 9001000000296 में दिनांक 19 दिसंबर 2018 को 40 हजार, व 3 जनवरी 2019 को 70 हजार तथा 18 जनवरी 2019 को 10 हजार कुल एक लाख 22 हजार आया। जिस पर तत्कालिक ग्राम प्रधान बेचू उनके सहयोगी दीनानाथ व तत्कालिन सचिव मुक्तिनाथ गुप्ता घर आये और कहे कि तुम्हारे खाते में मनरेगा का रुपया आया है। तीन अदद बैंक निकासी फार्म पर दस्तखत बनावा कर लें गए।
जब मैं वित्तीय वर्ष 2018-19 को प्रधानमंत्री आवास के ऑनलाइन के उपरान्त फाइनल तैयार सूची 2022-23 मे प्रार्थीनी का नाम आवास पात्रता में निरस्त इस आधार पर कर दिया गया कि प्रार्थीनी को 2016-17 में ही आवास आवंटित व पैसों का भुगतान 2018-19 में हो चुका है।
जानकारी हुई कि प्रधान बेचू व सहयोगी दीनानाथ तथा सचिव मुक्तिनाथ निवासी तुर्क तुर्कहियां थाना ठूठीबारी ने कूटरचित दस्तावेज तैयार करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। इस बात की जानकारी जब पूर्व प्रधान व सचिव से ली तो जान से मारने की धमकी देने लगे। इस संबंध में ठूठीबारी प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया की न्यायालय के आदेश पर पूर्व प्रधान, सचिव व एक सहयोगी के खिफ केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।