थानाध्यक्ष ने कहा, मृतक पर कैसे दर्ज होगा मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नौतनवां कस्बे के रहने वाले कोटेदार जितेंद्र की बीते माह मौत हो चुकी है। इसके बावजूद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी मीरा राय खाद्यान्न घोटाले में उसके खिलाफ नौतनवां थाने में मुकदमा दर्ज कराने पहुंच गईं। पुलिस ने तहरीर देखते ही मुकमदा दर्ज करने से मना कर दिया।
जानकारी के अनुसार, नौतनवां कस्बे के कोटेदार जितेन्द्र की बीते माह मौत हो हो चुकी है। उसके बाद पूर्ति विभाग ने दूसरे कोटेदार से कोटा संबद्ध किया गया तो कोटेदार ने दुकान लेने के दौरान खाद्यान्न का मिलान किया तो कम निकला। इस पर कोटेदार ने कम खाद्यान्न लेने से मना कर दिया था। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी मीरा राय जांच की तो खाद्यान्न कम था। उसके बाद खाद्य अधिकारी मीरा राय ने मृत कोटेदार जितेन्द्र पर खाद्यान्न घोटाले की तहरीर लेकर नौतनवां थाने पहुंचीं और कस्बा चौकी इंचार्ज ओम प्रकाश गुप्ता को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा।
चौकी इंचार्ज ने तहरीर में देखाकर मामले की जानकाीर थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह को दी। थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह बताया कि जब कोटेदार की मृत्यु हो गई है तो उसके सारे अपराध स्वत: खत्म हो जाते हैं। ऐसे में कैसे मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। उन्होंने थानाध्यक्ष पर भी मुकदमा दर्ज करने का दबाव बनाया तो थानाध्यक्ष ने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी से कहा कि आप पहले अपने विभाग में समझ लीजिए। पुलिस ने बगैर तहरीर लिए क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी को लौटा दिया। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी मीरा राय ने बताया कि तहरीर देने गई थी, लेकिन मृत कोटेदार की पत्नी ने कम खाद्यान्न को पूरा कराने के लिए तैयार हो गई हैं, इसलिए मामले को सुलझा लिया गया है