महराजगंज। श्यामदेउरवां पुलिस ने मरीजों के स्वास्थ्य के विपरित कार्य करने, उनके जीवन को संकट में डालने के मामले में न्यू अपोलो हॉस्पिटल के डाॅक्टर, संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
नोडल अधिकारी डाॅ. राजेश द्विवेदी की तहरीर पर पुलिस ने डाॅ. दुर्गेश प्रजापति, सोनू, रंजीत निषाद के खिलाफ बीएनएस की धारा 125, 223 (बी) के तहत केस दर्ज किया है।
श्यामदेउरवां क्षेत्र के गोरखपुर रोड पर गोधवल चौराहे पर अवैध रूप से संचालित न्यू अपोलो हॉस्पिटल को रविवार की देर रात लगभग 12 बजे प्रशासन ने सील कर दिया था। हास्पिटल में भर्ती मरीजों को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेजवाया गया।
रविवार की रात लगभग 12 बजे एसडीएम सदर रमेश कुमार, निजी अस्पताल के नोडल अधिकारी डाॅ. राजेश द्विवेदी व प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह गोधवल चौराहे पर संचालित न्यू अपोलो हॉस्पिटल पर पहुंचे थे।
अस्पताल में भर्ती मरीजों को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेजवाया। जिस डाॅक्टर के नाम से अस्पताल पंजीकृत है वह मौके पर नहीं था। कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने अस्पताल को सील कर दिया।
इससे पहले इस अस्पताल पर प्रसव के बाद बच्चे की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग व पुलिस टीम पहुंची थी।
जिले के निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी डाॅ. राजेश द्विवेदी ने हास्पिटल में भर्ती मरीजों की जानकारी ली। उस दौरान भी हास्पिटल में पांच मरीज भर्ती मिले। जिसमें से तीन मरीजों का आपरेशन से प्रसव हुआ था।
मरीज के परिजनों ने बताया कि मरीजों को गांव के आशा ने इस अस्पताल में भर्ती कराया है। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि डाॅ. दुर्गेश प्रजापति, सोनू, रंजीत निषाद के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
गुलरिहा थाने का है गैंगस्टर
गोधवल चौराहे पर संचालित न्यू अपोलो हॉस्पिटल का संचालक रंजीत निषाद गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाने का गैंगस्टर है। वह नाम बदलकर अस्पताल चलाने में माहिर है। स्वास्थ्य विभाग में गहरी पैठ होने के कारण वह नाम बदलकर नया अस्पताल खोल लेता है। चार वर्ष पहले उसने गोरखपुर जिले के भटहट बाजार में प्रियांशु नाम से अस्पताल खोला था। यहां स्वीपर द्वारा महिला का प्रसव कराने के दौरान नवजात की मौत हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। स्वास्थ्य विभाग ने जांच कर अस्पताल को सील कर दिया था। कुछ दिनों बाद उसी मकान में नाम बदलकर उसने सत्यम हास्पिटल का संचालन शुरू कर दिया। इस तरह वह गुलहरिया क्षेत्र के भटहट बाजार में अलग-अलग नामों से फर्जी अस्पताल चला चुका है।