महराजगंज/निचलौल। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत मधवलिया वन रेंज की सैकडों एकड़ भूमि पर दो दशक से लोगों ने अवैध निर्माण कर कब्जा कर रखा है। जबकि वन विभाग के जिम्मेदार अतिक्रमणकारियों की दबंगई के आगे खामोश हैं। यही कारण है कि दो दशक से एसडीएम कोर्ट में करीब 25 फाइल ठंडे बस्ते में है। वन विभाग के रह चुके अधिवक्ता सरजू प्रसाद पांडेय के मुताबिक जमीन को खाली कराने के लिए कोर्ट में 2003 से मुकदमा चल रहा है। इन फाइलों पर अब तक बहस चल रही है।
शहर निवासी संतोष कुमार, आदित्य, करन आदि ने कहा कि योगी सरकार ने सत्ता में आते ही सरकारी जमीनों पर दबंगों द्वारा किए गए कब्जे को हटाने के लिए फरमान जारी कर दिया था। इसके बाद पूरे प्रदेश में अभियान चलाया गया। इतना ही नहीं कब्जा की गई जमीनों को मुक्त कराने के लिए प्रशासन की ओर से लेखपालों की टीम गठित कर एक अभियान भी चलाया गया। इसके बावजूद वन विभाग की भूमि पर कब्जा करने वाले लोग बाज नहीं आ रहे हैं। इन लोगों ने आगे कहा कि प्रशासन भी उन दबंगों के आगे मानों बेबस हो गई है। इतना ही नहीं रेंज कार्यालय से मधवलिया गेस्ट हाउस तक जाने वाली वन विभाग की सड़क की भूमि पर कब्जा को लेकर कई बार वन विभाग और अतिक्रमणकारियों में संघर्ष भी हो चुका है।