महराजगंज। इंवेस्टर समिट में जिले से 209 उद्यमियों ने 2,287 करोड़ रुपये निवेश करने का अनुबंध जनवरी में किया था, लेकिन इसमें होटल उद्योग समेत नौ प्रकार के उद्योग ही धरातल पर उतर सके हैं। 89 उद्यमी कामकाज शुरू भी कर दिए हैं। इसमें 594 करोड़ रुपये व्यय हुआ है। 4913 लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है। जबकि 120 उद्यमियों ने अभी तक कामकाज शुरू नहीं किया है। नियमों के पेंच में उलझे कारोबारियों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। किसी की फाइल बैंक में उलझी है तो किसी को अभी तक जमीन नहीं मिली है।
जानकारी के अनुसार, इंवेस्टर सबमिट में हुए अनुबंध में उद्योग धंधों को आगे बढ़ाने प्रयास तो किया, लेकिन उद्योग का विकास तेजी से नहीं हो रहा है। 12,291 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है। उद्यमी जरूरी प्रपत्रों को पूरा करने में ही फंस जा रहे हैं, किसी को जमीन नहीं मिलने से समस्या हो रही है तो किसी की फाइल बैंक में लटकी है। कारोबारियों की अलग-अलग समस्या है। कारोबारी अनिल कुमार ने बताया कि बैंक में चार करोड़ के लोन के लिए 12 करोड़ की संपत्ति दिखाने के लिए कहा जा रहा है। इस वजह से समस्या हो रही है। सरकार कारोबार को बढ़ाने पर जोर दे रही है तो नियमों के पेच में काम करना मुश्किल हो रहा है। 21 उद्योग संचालित हो चुके हैं। कारोबार में पेंच के चलते उद्यमी तेजी से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
आर्यवत प्लास्टिक मोल्डेड इंडस्ट्रीज के आदित्य प्रकाश कहते हैं कि कामकाज में समस्या आ रही है। नियमों में थोड़ी ढील देने की जरूरत है। कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए समस्या हो रही है।
जमीन का कहीं कोर्ट में केस तो कहीं विभाग को ट्रांसफर नहीं हुई
चेहरी वाली 793 एकड़ जमीन जो एनटीसी की है उस पर हाईकोर्ट में केस चल रहा है। झुलनीपुर में 25 एकड़ जमीन पर कार्रवाई चल रही है। जनवरी में सीलिंग की जमीन उद्योग विभाग को ट्रांसफर हो जाएगी। भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र झुलनीपुर में निचलौल तहसील प्रशासन ने वृहद औद्योगिक आस्थान के निर्माण के लिए सीलिंग की 25 एकड़ भूमि चिह्नित है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम ने इस पर आस्थान निर्माण की स्वीकृति दी है। यहां फोर्टिफाइड चावल, प्लास्टिक कुर्सी, एल्युमिनियम रिंग समेत कई उद्योग विकसित होंगे। इनमें 71 करोड़ रुपये का निवेश होगा। 600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। निवेश के लिए 28 लोगों ने भूमि मांगी है।