महराजगंज। शिक्षक दिवस पर आज बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। स्कूलों में तमाम ऐसे शिक्षक हैं, जो विपरीत हालात व सीमित संसाधनों से जूझते हुए ज्ञान की ज्योत जला रहे हैं। शिक्षकों से बातचीत में उनकी कार्य पद्धति के बारे में जानने को मिला। सरकार की ओर से उपलब्ध संसाधनों में बेहतर कार्य करने के जुनून इन शिक्षकों को खास बनाया।
शिक्षक दिवस के अवसर पर गोरखपुर स्थित योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने जिले से 100 शिक्षकों का दल गोरखपुर जाएगा। उनके साथ बीईओ व बेसिक शिक्षा भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण गुप्ता ने बताया कि शिक्षक बच्चों को शिक्षित कर देश के भविष्य के निर्माण में अपना योगदान देते हैं। बच्चों को रोचक तरीके से और खेल-खेल में पढ़ाने की जगह स्मार्ट क्लास संचालित करते हुए बच्चों का ज्ञान बढ़ाते हैं। शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने, अधिक संख्या में नामांकन करने, निपुण लक्ष्य प्राप्त करने, दिव्यांगों को शिक्षित करने, शत प्रतिशत डीबीटी पूर्ण करने जैसे बिंदुओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों को पुरस्कार मिलेगा। जनपद के सभी ब्लाकों से बेहतर कार्य करने वाले आठ-आठ शिक्षकों का चयन कर खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ गोरखपुर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में प्रतिभाग किया जाएगा।
समय का पाबंद होने पर मिला सम्मानित होने का अवसर
विकास खंड पनियरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय रतनपुरवा कंपोजिट में कार्यरत सहायक अध्यापक वरेश कुमार पूरे मनोयाेग से दायित्व का निर्वहन करते हैं। नौ नवंबर 2015 में इनकी तैनाती हुईं। शुरुआत से ही वे बच्चों की पढ़ाई और उनके सर्वांगीण विकास के प्रति कटिबद्ध रहे। प्राथमिक विद्यालय बसंतपुर, घुघली के कार्यरत रहते हुए उनके कार्य के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी से उन्हें सम्मानित किया। उनके तबादले के दौरान बच्चों का प्यार देखते ही बनता था। उन्होंने अपने आपको नजीर प्रस्तुत किया नियमित और समय से विद्यालय पहुंच कर अपने कार्य में संलग्न होना उनकी आदत है। उन्हें उनके कार्य के लिए कई बार सम्मानित किया गया। शिक्षा के अतिरिक्त वे सामाजिक कार्यों में भी संलग्न हैं। गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए उन्हें राज्य स्तर पर अनेकों पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। जिले व राज्य स्तर पर उनके सहायक शिक्षण सामग्री की प्रदर्शनी लग चुकी है। रोटरी क्लब महराजगंज व प्राथमिक शिक्षक संघ के द्वारा भी वे सम्मानित हो चुके हैं।
शैक्षिक नवाचार में तकनीक पर जोर देकर खुद बनाया औरों से अलग
मिठौरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कम्हरिया कला के प्रभारी प्रधानाध्यापक शक्ति शरण पाठक के कार्य भी अन्य शिक्षकों के लिए रोल माडल है। शैक्षिक नवाचार में तकनीक पर जोर, प्रोजेक्टर के माध्यम से ऑडियो विजुअल माध्यम से समय समय पर कक्षाएं संचालित कर खुद को अलग करते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों में बेहतर कार्य करने का प्रयास रहता है। शिक्षा को रुचिकर बनाने के लिए पूरी कोशिश की जाती है। शैक्षिक परिवेश को स्वच्छ एवं शैक्षिक वातावरण बेहतर करने के उद्देश्य से ग्रीन स्कूल क्लीन स्कूल पर विशेष जोर रहता है। शैक्षिक दायित्व के साथ साथ अन्य विभागीय दायित्वों का समय से निर्वहन करता हूं। उन्होंने कहा कि स्कूल में 111 बच्चे अध्यनरत हैं। 20 मई 2016 को तैनात हुई है। स्कूल में कम्प्यूटर लैब स्थापित है। जंगल के पास विद्यालय होने पर भी इस ग्राम सभा मे कोई बच्चा आउट ऑफ स्कूल नहीं है। बेहतर शैक्षिक वातावरण तथा रुचिकर एवं प्रभावी शिक्षण कार्य के लिए 2022 में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान से उत्कृष्ट शिक्षक का पुरस्कार मिल चुका है।
बच्चों की प्रतिभा को जान लेते हैं राज्य शिक्षक के लिए चयनित शिक्षक
महराजगंज। कंपोजिट विद्यालय बंजारी पट्टी गिरहीया में तैनात प्रधानाध्यापक भूपेंद्र कुमार सिंह पिपराकाजी के रहने वाले हैं। यह बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभाग को जान लेते हैं, इसके बाद उसकी अभिरुचि के अनुसार उसे पढ़ाते हैं। उनका यह प्रयोग सफल हो रहा है। इनका चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है। कंपोजिट विद्यालय बंजारी पट्टी गिरहीया के शिक्षक भूपेंद्र कुमार सिंह कहते हैं कि 12 फरवरी 2009 को सहायक अध्यापक के पद पर प्राथमिक विद्यालय रौतार में तैनात हुआ था। 12 नवंबर 2014 को प्रमोशन के बाद उच्च प्राथमिक विद्यालय भिटौली क्षेत्र घुघली में हुआ। उसके बाद इंग्लिश मीडियम स्कूल प्राथमिक विद्यालय बंजारी पट्टी गिरहिया में प्रधानाध्यापक के पद पर हुआ। तभी से इसी विद्यालय में तैनात होकर बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। वर्तमान में इस विद्यालय में करीब 600 से अधिक से अधिक बच्चे हैं। इस विद्यालय में शिक्षण गतिविधि टीएलएम औरसीटी का उपयोग इनके द्वारा किया जाता है। इसके परिणाम स्वरुप 21 बच्चों को राष्ट्रीय आय आधारित परीक्षा में सफलता मिली है। यह विद्यालय जिला में अकेला ऐसा विद्यालय है, जो लगातार तीन वर्षो से बेसिक बाल क्रीडा में जिला चैंपियन बन रहा है। साथ ही 2023, 2024 में बेसिक बाल कोड़ा में 38 बच्चों ने प्रदेश स्तर पर प्रतिभाग किया था। इतना ही नहीं राष्ट्रीय एकांकी में दूसरा स्थान भी प्राप्त किया था। जिले के पहली पारी बार पीटी ने प्रदेश स्तर पर प्रतिभाग किया।