संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सीने में जलन और सुई सी चुभन या हल्का दर्द। इसे गैस का दर्द समझ नजरअंदाज कतई न करें। इससे कार्डियक अरेस्ट का खतरा तीन गुना है। ऐसी दिक्कत बताने वाले मरीजों की जांच में हृदय रोग की परेशानी मिली है।
सर्दी बढ़ने पर केएमसी मेडिकल काॅलेज एंड हास्पिटल के क्रिटिकल केयर अनुभाग में इस समस्या से परेशान प्रति दिन सात से आठ मरीज आ रहे हैं। डॉ. एसएम रफीक ने बताया कि ओपीडी में आने वाले इन मरीजों में तीन से चार मरीज ऐसे हैं, जो पहली बार दिखाने आ रहे हैं। इनको सीने में दर्द, भारीपन, चलने में सांस फूलने, रात में पसीना आने की परेशानी है।
जांच में इनका बीपी भी बढ़ा पाया गया। इनमें अधिकांश की उम्र 30 से 40 साल रही। इनको दवाएं देने के साथ फिटनेस बेहतर करने के लिए कहा गया। 10 से 15 मरीज माइनर हार्ट अटैक के भी रहे, जिन्होंने सीने में पिन सी चुभने, जलन होने और भारीपन की परेशानी को नजरअंदाज किया। इसे गैस का दर्द समझ बैठे। इनमें ब्लॉकेज संबंधी परेशानी मिली।
डॉ. एसएम रफीक ने बताया कि सर्दी में खानपान पर ध्यान नहीं देने वाले मरीजों में रक्तचाप और मधुमेह का स्तर बढ़ा है। हृदय रोगियों में रक्तचाप और मधुमेह का स्तर अनियंत्रित होने से हार्ट अटैक का खतरा तीन गुना है।
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इन बातों का रखें ख्याल
धूप निकलने पर टहलें, 7 बजे के बाद बिस्तर छोड़ें।
हृदयरोगी दवाएं बंद न करें, डॉक्टर को फॉलोअप में दिखाएं।
हरी सब्जी, दाल, सलाद खाएं, शाम को हल्का भोजन करें।
सीने में दर्द, चलने में सांस फूलने पर ईसीजी कराएं।
तली और चिकनाई वाले भोजन, मीठा खाने से बचें।