महराजगंज। नगर पालिका परिषद महराजगंज शहर से सटे 28 गांवाें में अब जमीन खरीदना महंगा हो गया है। वहीं जिले में अर्धनगरीय के दायरे में 484 गांव आते हैं। इन गांवों में जमीन खरीदने वाले को अब विकास शुल्क के रूप में दो प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप शुल्क जमा करना पड़ रहा है।
वहीं, नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्र में इन क्षेत्रों में आवास बनवाने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नए नियम से सरकारी खजाना तो भरेगा, लेकिन लोगों की जेब ज्यादा ढीली होगी।
दअरसल, महराजगंज शहर से सटे 28 गांव अर्धनगरी के दायरे में आते हैं। करमहा, गौनरिया बाबू, गिदहा, पनेवा पनेई पिपरा बाबू, बासपार बैजौली, बौलिया राजा, बरवा विद्यापति, मुजहना खुर्द, रमपुरवा, रामपुर बुजुर्ग, रुद्रापुर, रूधौली भावचक, लखिमा थरूआ, सतभरिया, सरडीहा, सवना, सवरेजी, सिसवनिया, सोनरा, सिसवा अमहवा गांव में जमीन खरीदने पर अतिरिक्त शुल्क जमा करना पड़ता है। इन गांवों की जमीन की बिक्री पर अतिरिक्त शुल्क अनिवार्य रूप से जमा करने का निर्देश दिया गया है। अभी तक इन इलाकों में जमीन की रजिस्ट्री कराने पर स्टांप शुल्क पांच फीसदी लिया जाता था, लेकिन अब सात फीसदी देना पड़ रहा है। आदेश के अनुसार जमीनों की रजिस्ट्री शुल्क की गणना शुरू कर दी गई है, बढ़ी हुई दर पर रजिस्ट्री हो रही है।