मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बावजूद अधिकारियों ने इन बंधों का मरम्मत कार्य नहीं करवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। पनियरा थाना क्षेत्र में बहने वाली रोहिन नदी की सुरक्षा के लिए बने जर्दी डोमरा बांध पर जगह-जगह गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। जर्दी गांव के पास बांध पूरी तरह से कमजोर हो गया है। मानसून सिर पर है। अब बंधों में बने बड़े-बड़े होल और कटान से रोहिन नदी के तटबंध के किनारे बसे ग्रामीणों को डर लगने लगा है। वर्ष 2007 में बाढ़ की त्रासदी से रोहिन नदी का बांध हरखपुरा गांव में तोड़ डाला था। बाढ़ के पानी से सारा इलाका डूब गया था। उसी दौरान नाव डूबने से उसमें बैठे 26 लोगों की मौतें हो गई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने इस हृदय विदारक घटना से सबक नहीं लिया। स्थिति यह है कि हर 100 कदम पर गड्ढे व चूहों की बिल ने बंधे को खोखला कर दिया है।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बावजूद अधिकारियों ने इन बंधों का मरम्मत कार्य नहीं करवाया। जर्दी डोमरा बांध पर रानीपुर, लक्ष्मीपुर, जर्दी, बड़हरा लाला, अनंतपुर आदि गांवों के पास हर 100 कदम पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। ये गड्ढे भी नदी की छोर की ओर हैं। यदि रोहिन नदी ऊफनाई तो इन बंधों के टूटने का खतरा बढ़ जाएगा।
आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों के लोगों की सांसें टंगी रहेंगी। जर्दी डोमरा बांध पर स्थित जंगल जरलहा उर्फ जर्दी गांव के पास बांध की मजबूती के लिए सिंचाई विभाग की ओर से बोल्डर पिचिंग कार्य कराया जा रहा है। आसपास के लोगों का कहना है कि सिंचाई विभाग के जिम्मेदार मानक के अनुसार बोल्डर पिचिंग कार्य नहीं करा रहे हैं। इसको लेकर ग्रामीणों में भय बना हुआ है।
इतना ही नहीं, कार्य भी बहुत धीमी गति से चल रहा है। गांव के थोड़ा आगे जगह-जगह बड़े-बड़े होल बने हुए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारी बंधे की मरम्मत के प्रति कितना गंभीर है। वर्ष 2007 में अधिकारियों की लापरवाही के कारण हरखपुरा गांव के पास बांध टूट गया था। बाढ़ के कहर से बचने के लिए लोगों ने नाव पर बैठकर उचित स्थान पर जा रहे थे। उसी दौरान नाव पटलने से उसमें सवार 26 लोगों की डूबकर मौत हो गई थी।उस मंजर को जब लोग याद करते हैं तो लोगों की रूह कांप जाती है।
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जर्दी डोमरा बांध काफी संवेदनशील है। इसकी मरम्मत नहीं होने से लोगों में भय बना हुआ है। बाढ़ आने पर हजारों एकड़ धान की खेती पानी में डूबकर बर्बाद हो जाती है। इसके बचाव के लिए जिम्मेदार गंभीर नहीं है।
-ओरीलाल चौहान
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रोहिन नदी के जर्दी डोमरा बांध पर पांच किलोमीटर की दूरी तय करने पर हर 100 कदम पर दो-चार बड़ा गड्ढा मिल जाएगा। बरसात में इसकी हालत और दयनीय हो जाएगी। ऐसी हालत रही तो रोहिन नदी ऊफनाई तो बाढ़ के त्रासदी से बांध को बचा मुश्किल हो जाएगा।
-गुलाब प्रसाद
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रोहिन नदी के जर्दी डोमरा बांध पर कुछ जगहों पर पिच सड़क बनाई गई, लेकिन सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। रैनकट और चूहों के बिल बंद नहीं किए गए तो मुसीबत आएगी। बांध की सुरक्षा रामभरोसे चल रही है।
-हरिलाल
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बंधों की सुरक्षा के लिए बेहतर ढंग से कार्य नहीं किए जा रहे हैं। पुरानी घटना होने के बाद भी सिंचाई विभाग सबक नहीं ले रहा है। बरसात में पानी का दबाव बढ़ा तो तबाही आ सकती है।
-राधेश्याम
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बोल्डर पिचिंग कार्य चल रहा
जर्दी गांव के पास नदी के छोर पर बोल्डर पिचिंग कार्य चल रहा है। इसमें मानक के अनुसार बोल्डर नहीं लगाया जा रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर बोल्डर पानी में चला जाएगा। पिचिंग कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। बाढ़ आने पर कटान का खतरा बढ़ जाता है। रैनकट से पानी रिस कर बांध के बीच में पहुंचता है। अगर इसे समय रहते हुए ठीक नहीं कराया गया तो बाढ़ के पानी का दवाब रोक पाना मुश्किल होगा।
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कोट
जर्दी गांव के पास बोल्डर पिचिंग कार्य पूर्ण होने की स्थिति में है। बांध की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जहां पर बांध कमजोर है, उस जगह पर मिट्टी डाला जा रहा है। बांध पर अगर कहीं रैनकट व रैटहोल दिखाई दे रहे हैं, उसकी जांच कराई जाएगी। उसे तत्काल दुरुस्त कराने का प्रयास किया जाएगा।
-विनोद कुमार, अवर अभियंता, सिंचाई विभाग बाढ़ खंड
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जर्दी डोमरा बांध पर स्थित जर्दी गांव के पास जिस स्थान पर पिच सड़क टूट गई है, उसकी मरम्मत के लिए शासन स्तर पर स्टीमेट बनाकर भेजकर सड़क की मरम्मत कार्य करने की मांग की गई है। धन स्वीकृत होने के बाद मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।
-प्रदीप कुमार गुप्ता, अवर अभियंता लोक निर्माण खंड