निचलौल। थाना क्षेत्र के बंदी विशुनपुरा गांव में संचालित एक समूह की सदस्य बृहस्पतिवार को समूह से पैसा निकालने के लिए ब्लॉक पर पहुंचीं। जहां फाइल पर हस्ताक्षर कराने की बात को लेकर बीएमएम (ब्लॉक मिशन मैनेजर) आक्रोशित हो उठे। आरोप है कि वह समूह की एक महिला से मारपीट करने लगे। इतना ही नहीं बीएमएम ने उनके साथ दुर्व्यहार कर भगा दिया। बीच-बचाव का प्रयास कर रही एक महिला सदस्य की साड़ी भी फाड़ दी। महिलाओं ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पुलिस को दी तहरीर में महिलाओं ने बताया कि वह एक स्वयं सहायता समूह चलाती हैं, जिसमे सभी छोटी बचत करती हैं। बचे हुए पैसे को यूपी बड़ौदा बैंक में समूह के खाते में जमा करती हैं। 27 नवंबर को समूह की सदस्य रकम निकासी के लिए बैंक पहुंची थीं। जहां पर बैंक कर्मचारियों ने कहा कि फाइल पर ब्लॉक से हस्ताक्षर कराकर लाइए। इसके बाद बैंक से रकम दी जाएगी। आरोप है कि हस्ताक्षर कराने के लिए ब्लॉक पर बीएमएम के पास पहुंचीं तो उन्होंने हस्ताक्षर करने के एवज में एक हजार रुपये की मांग की। रिश्वत न देने पर उन्हें लौटा दिया। बृहस्पतिवार को समूह की महिलाएं फिर फाइल पर हस्ताक्षर कराने के लिए ब्लॉक पर बीएमएम के पास पहुंची। जहां बीएमएम ने एक हजार रुपये रिश्वत की मांग की। विरोध करने पर बीएमएम आक्रोशित हो उठे। उसके बाद बीएमएम ने फाइल फाड़ दी। विरोध करने पर समूह की एक महिला सदस्य के साथ मारपीट कर दुर्व्यहार करने लगे। बीच-बचाव करने पहुंची एक महिला सदस्य की साड़ी फाड़ दी। घटना के बाद से समूह की महिलाएं काफी डरी और सहमी हुई हैं।
इस सबंध में बीएमएम रवि मिश्रा ने कहा कि समूह की महिलाओं की ओर से पूर्व की कार्रवाई के रजिस्टर पर पुनः रकम निकासी के लिए हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
उपनिरीक्षक प्रधान यादव ने कहा कि मामले में महिलाओं की तहरीर मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद दोषी बीएमएम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।