महराजगंज। बागापार विशुनपुरवा निवासी श्यामकरन यादव पहलवानी में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुश्ती के लिए पौष्टिक आहार पर ध्यान देना पड़ता है। महंगाई के इस दौर में पर्याप्त रकम नहीं होने से समस्या होती है।
श्यामकरन के पिता ओमप्रकाश यादव बिरहा गायक हैं। श्यामकरन अभी बीए तृतीय वर्ष में पढ़ाई कर रहे हैं। श्यामकरन ने बताया कि घर का खर्च पिता ओमप्रकाश यादव बिरहा गाकर चलाते हैं। जब पिता को बिरहा गाने की बुकिंग मिलती है तो उस पैसे से घर का खर्च कुछ दिन ही चल पाता है, लेकिन बाद में समस्या होने लगती है। पहलवानी करने के लिए भोजन पर विशेष ध्यान देना पड़ता है, लेकिन महंगाई के समय में समस्या होती है। श्यामकरन ने बताया कि पहलवानी में दो घंटा जिला स्टेडियम में और चार घंटा जिम में देना पड़ता है। अब तक श्यामकरन आठ जगहों पर अपनी पहलवानी का लोहा मनवा चुके हैं।
श्यामकरन को मिली यह उपलब्धियां
कुश्ती लड़ना प्रारंभ 2012 में शुरू किया
मेरा पहला राज्यस्तरीय कुश्ती 2013 आजमगढ़ में सब जूनियर आमंत्रण कुश्ती पहला स्थान
2015 शामली मेरठ राज्यस्तरीय दूसरा स्थान
2017 कोसी कलां मथुरा राज्यस्तरीय जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में दूसरा स्थान
2018 बागपत बुढ़ाना मेरठ तीसरा स्थान
2019 गौतम बुद्धनगर गाजियाबाद दूसरा स्थान
2020 शाहपुर मुज्जफरनगर द्वितीय स्थान
2022 ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी कुश्ती प्रतियोगिता हरियाणा (प्रेमनगर) में टॉप 8वां स्थान
2023 ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी कुश्ती प्रतियोगिता में तीसरा स्थान