महराजगंज। भारत-नेपाल सरहद से सटे सीमावर्ती इलाकों में नई पगडंडियों से कबाड़ की तस्करी फिर एक बार जोरों से हाे रही है। खास बात यह है कि तस्करी की कमान बाइकर्स गैंग ने संभाल रखी है। तस्करी का कारोबार संभालने के लिए नारायणी नदी से सटे एसएसबी बीओपी पथलहवा से लेकर सोनौली तक बाइकर्स गैंग सक्रिय हैं। क्योंकि इन रास्तों पर सुरक्षा कर्मियों की नजर नहीं है। तस्कर नेपाल राष्ट्र से सस्ते रेट पर कबाड़ लाकर भारत में बेच मोटी रकम कमाते हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने सरहद पर बड़े वाहनों से कबाड़ की होने वाली तस्करी पर शिकंजा कसा तो तस्करों ने बाइकर्स गैंग तैयार कर ली। तस्करों ने इस बाइकर्स गैंग को मालवाहक के रूप में हर वक्त सरहद पर तैयार कर रखा है। बाइकर्स गैंग प्रतिदिन तीन से चार बार सरहद पार कर कबाड़ लाने का काम कर रहे हैं। इस गैंग को प्रति खेप में एक निर्धारित वजन की कबाड़ लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाइकर्स गैंग तस्करों के लिए सरहद की कच्ची पगडंडी सुलभ साधन है। जब सरहद के मुख्य नाकों पर सुरक्षा एजेंसियां चेकिंग अभियान तेज कर देती हैं तो तस्कर पगडंडी मार्ग का प्रयोग धड़ल्ले से करने लगते हैं। ऐसे में सरहद पर तस्कर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर अपने मंसूबे में सफल हो जाते हैं। बीते दिनों सीमावर्ती क्षेत्र में कबाड़ बरामद हुआ था। बाइक से तस्कर कबाड़ ले जा रहे थे।
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस सतर्क है। अगर ऐसा है ताे अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
सीमावर्ती क्षेत्रों में रकम लेकर कुछ लोग करते हैं मदद
भारत-नेपाल सरहद से सटे पुलिस चौकियों और थानों पर माल पार कराने के लिए लेवी देनी पड़ती है। लेवी देने का क्रम सरहद से सटे गांव से शुरू होकर मुख्य गोदाम तक होती है। इतना ही नहीं सरहद पार करते ही कुछ लोगों को भी लेवी चुकानी पड़ती है। यदि माल जिले के बाहर किसी दूसरे जिले या प्रदेश ले जाना है, तो उसके लिए सरगना कई लाइनमैन की नियुक्ति करते हैं। वही जो लेवी देने से कतराते हैं, वे जल्दी गिरफ्त में आ जाते हैं। तस्करों ने भारत नेपाल सरहद पर कई तरीका अपना रखा है। बाइकर्स गैंग की ओर से कम मात्रा में लायी जाने वाली कबाड़ को इकट्ठा किया जाता है। इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्र में कई गुपचुप गोदाम तैयार किया गया है। गोदाम में माल जमा होने के बाद तस्कर अन्य जगहों पर भेज देते हैं।