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Maharajganj News: लाभार्थी तो बन गए लेकिन लाभ से हैं वंचित

Thu, 21 Dec 2023 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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समाज कल्याण विभाग में कार्य को करते कर्मी।
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महराजगंज। लाभार्थी परक योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। निराश्रित पेंशन के लिए महिलाएं भटक रही हैं, तो किसान ई-केवाई कराने के लिए परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के तहत लाभ लेने में भी लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। कोई जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रहा है तो कोई ब्लॉक कार्यालय का। वहां से आधार लिंक कराने की सलाह देकर लौटा दिया जा रहा है। बैंक पहुंचने पर सब कुछ ठीक बता रहा है। अब ऐसे में उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करें।
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किसान सम्मान निधि : जिले में किसान सम्मान निधि में 4,92,738 पात्र किसान हैं। 15वीं किस्त 1,81,000 किसानों को मिल चुकी है। बैंक से आधार लिंक न कराने वाले 34,927 किसान हैं। वहीं इनकम टैक्स वाले किसानों की संख्या 6000 है। भूमि अंकन न कराने वाले किसानों की संख्या 65645 है। ईकेवाईसी न कराने वाले किसानों की संख्या 1,25,645 है। ये सभी किसान गड़बड़ी में सुधार कराने के लिए परेशान हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार गड़बड़ी ठीक होने के बाद ही सम्मान निधि की रकम मिलेगी।

निराश्रित पेंशन : निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना का लाभ समय पर नहीं मिलने से महिलाएं जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रही हैं। 44169 निराश्रित महिलाएं पेंशन के लिए पंजीकृत हैं। अब तक प्रथम किस्त 32590 और 34505 महिलाओं को दूसरी किस्त भेजी गई है। 9664 लाभार्थियों को तीसरी किस्त का इंतजार है। अभी 4506 लाभार्थियों का आधार प्रमाणीकरण नहीं हुआ है, जिससे उनके खाते में रकम नहीं पहुंच पाई है।
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जननी सुरक्षा योजना : जिले में जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को रकम नहीं मिल पा रही है। योजना के तहत अब तक 38125 लाभार्थी पंजीकृत हैं। इसमें 18988 को लाभ मिल चुका है। 3514 महिलाओं को लाभ नहीं मिला है। चयनित महिलाएं कार्यालय में हर रोज पूछताछ करने आती हैं। सटीक जानकारी नहीं मिलने से लाभार्थी परेशान होते हैं।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना : यह योजना वर्ष 2017 से संचालित है। दो किस्तों में पांच हजार रुपये लाभार्थी को मिलते हैं। पहले किस्त में तीन तो दूसरी किस्त में दो हजार रुपये मिलते हैं। कुल 13330 लाभार्थी का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें 3236 का पंजीकरण हो चुका है। इन लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। बजट आने के बाद खाते में रकम भेजी जाएगी। वहीं योजना में अप्रैल 2022 में बदलाव कर दूसरी संतान बालिका होने पर 6000 रुपये एक मुश्त देने की व्यवस्था की गई। 3333 लक्ष्य निर्धारित है, इसमें महज 1286 के पंजीकरण हुआ है। लाथार्थियों के खाते में रकम नहीं आई है।
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