जमीन के विवाद में अपने ही बन रहे हैं जान के दुश्मन, मामला सामने आते ही पुलिस दर्ज कर रही केस
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में जमीनों के विवाद में अपने ही जान के दुश्मन बन रहे है। कहीं जमीन में पौधा लगाने को लेकर मारपीट हो गई तो कहीं जमीन पर कब्जा जमाने को लेकर मारपीट हो गई। विवाद के मामले में हर रोज सामने आ रहे हैं। बीते दिनों जमीन को लेकर हुई मारपीट की घटनाओं ने ऐसा सोचने को विवश कर दिया। विवाद के मामले सामने आने पर पुलिस केस दर्ज कर रही है।
कोतवाली ठूठीबारी क्षेत्र के लोहरौली गांव में 25 अक्तूबर शाम को जमीन विवाद को लेकर पट्टीदारों में जमकर मारपीट हो गई। जिस दौरान एक पक्ष के पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में भर्ती कराया गया। जहां पर दो घायलों की हालत बिगड़ते देख डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं इस मामले में कोतवाली ठूठीबारी पुलिस पीड़ित लखराज पाठक की तहरीर पर तीन पट्टीदार दयाशंकर पाठक, कृपाशंकर पाठक और सत्यभामा पाठक के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच में जुट गई। वहीं उक्त मामले में ही पुलिस ने दूसरे पक्ष के पट्टीदार सत्यभामा पाठक की तहरीर पर योगेंद्र, शैलेंद्र पाठक, लखराज और प्रभावती पाठक के खिलाफ भी केस दर्ज की।
पनियरा थाना क्षेत्र के जंगल जरलहा उर्फ सुचितपुर बघौना टोला बंगला में जमीन विवाद को लेकर पट्टीदारों के बीच मारपीट हो गई। जिस मामले में पुलिस ने पीड़िता रम्भावती देवी के तहरीर पर पट्टीदार सुनीता, रंजू,मंजू और नेहा के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच में जुट गई है। घटना की पड़ताल में सामने आया कि पट्टीदारों के बीच जमीन का बंटवारा हो चुका था। उक्त जमीन पर पौधा लगाने को लेकर पट्टीदारों के बीच बात बिगड़ गई। फिर विवाद में पट्टीदारों एक दूसरे पर जानलेवा हमला बोल दिए।
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि विवाद के मामले सामने आने पर केस दर्ज किया जाता है।
चलाया जा रहा भूमि विवाद निस्तारण अभियान
जिले में भूमि विवाद के चलते होने वाले खून खराबे को रोकने के लिए भूमि विवाद निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें टीम मौके पर पहुंच जमीन विवाद को सुलझा रही है। राजस्व व पुलिस की गठित यह संयुक्त टीमें लगातार मामलों को सुलझाने में लगी हुई हैं।