महराजगंज। बदलते मौसम में अस्थमा के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सर्दी के समय में कुछ मरीजों ने या तो दवाएं छोड़ दीं या निर्धारित मात्रा में दवाएं नहीं ली। ऐसे में अब उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना खांसी, नजला, जुकाम, सीने में जकड़न आदि की समस्या लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। सांस लेने में भी समस्या हो रही है।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 800 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इसमें 100 मरीज अस्थमा के रहे। फिजिशियन डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि ओपीडी में इस समय अस्थमा के मरीजों की संख्या 10 से 15 फीसदी रहती है। मार्च अंत या अप्रैल शुरुआत तक मरीजों की संख्या ठीक-ठाक रहेगी। उन्होंने बताया कि सर्दी में तमाम मरीजों को लगता है कि उन्हें आराम है और वह दवा छोड़ देते हैं या फिर निर्धारित मात्रा में नहीं लेते। इन्हेलर का इस्तेमाल भी नहीं करते। ऐसे लोगों को बदलता मौसम भारी पड़ता है। यह मौसम अस्थमा के मरीजों के लिए खतरनाक है।
मरीजों को रात में या सुबह के समय अधिक समस्या हो रही है। रात में सोते समय सीने से सीटी की आवाज आती है। भारीपन महसूस होता है। इस समय मरीजों को इन्हेलर लेना बंद नहीं करना चाहिए। डॉक्टर ने जिस मात्रा में बताया है, उस मात्रा में दवाएं लें। दवाएं बंद कर रखी है तो तत्काल लेना शुरू कर दें। बाहर निकलते समय एन-95 मास्क लगाएं। परेशानी अधिक होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
ओपीडी में मरीजों की कतार
जिला अस्पताल की ओपीडी में दिखाने के लिए बुधवार को मरीजों की लंबी कतार रही। पर्चा बनवाने के लिए काउंटर पर मरीज व तीमारदार एक-दूसरे से सटकर खड़े थे। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि अस्पताल आने वाले मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है।