कृषि विभाग में गड़बड़झाले की परत दर परत खुल रही पोल
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। कृषि यंत्रों और अनुदान में हुए घोटालों के बाद उप कृषि निदेशक की शिकायत केस दर्ज होने के बाद से जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया है। वहीं कृषि विभाग के तत्कालीन ब्लाॅक तकनीकी प्रबंधक किंकर सिंह निवासी खोखिया मुबारकपुर थाना अहिरौली बाजार जिला कुशीनगर ने सोशल मीडिया पर एक उत्पीड़न संदेश वायरल कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
वायरल उत्पीड़न संदेश पत्र में किंकर सिंह ने कहा है कि 1 अगस्त 2016 से 19 मई 2023 तक घर से 56 किलोमीटर दूर रहकर निष्ठापूर्वक नौकरी की। 2017 में उत्तम काम करने पर ऋण मोचन का प्रशस्ति पत्र मिला। 2020 में कृषि यंत्रों का फर्जीवाड़ा का सबसे पहले खुलासा किया। फिर साक्ष्यों के साथ 20 जुलाई 2020 को जीएसटी अधिकारी के पास पहुंचा। जहां पर उनके साथ दुर्व्यवहार कर भगा दिया गया। उसके बाद किसानों से फर्जीवाड़ा की चर्चा करते हुए प्रमुखता से शिकायत की। जिससे बौखलाए विभाग के जिम्मेदार साजिश कर उनके ऊपर एक महिला से झूठी आरोप लगवाते हुए सादे स्टैंप पर हस्ताक्षर करवा लिया। फिर स्टैंप में लिख दिया गया कि 58 हजार रुपये की रकम ली है। इसी बीच किसान हरिशंकर पटेल, सुरेश और डोमई की समस्याओं को सुनकर हजम की गई धनराशि को उजागर किया। जिससे विभाग के जिम्मेदार आक्रोशित होकर फर्जी खाता खोलने वाले सीएससी संचालक की साठ गांठ से उनके ऊपर भी फर्जी तरीके से केस दर्ज करा दिया है। इन्होंने आगे कहा है की विभाग के जिम्मेदार फर्जी केस दर्ज कराकर उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिए हैं।
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फर्जीवाड़ा के मामले में जनहित याचिका दायर
कृषि यंत्र और अनुदान घोटाले का में हर रोज नया मोड़ आ रहा है। इस मामले में कृषि विभाग के तत्कालीन ब्लाक तकनीकी प्रबंधक किंकर सिंह ने जनहित याचिका दायर की थी। जिस मामले में तीन अगस्त को हाईकोर्ट प्रयागराज चैंबर 18 के अधिवक्ता साक्षी जायसवाल और विमल कुमार पांडेय जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मामले की जानकारी मांगी है।
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किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। यह नहीं होना चाहिए। अधिकारी अपना गर्दन बचाने के लिए किसानों को मोहरा बना रहे हैं। किसान के हित के हित संगठन आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।
ओमप्रकाश पांडेय, जिला उपाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ, महराजगंज