विकास भवन में स्थित डीपीओ कार्यालय के बाहर धरना देती आंगनबाड़ी कार्यकर्ती। संवाद
- पुराने मांग के संबंध में जानकारी लेने के लिए विकास भवन स्थिति डीपीओ कार्यालय गई थीं कार्यकर्ता
- सीडीओ के १५ दिन के अंदर समस्या का समाधान होने के आश्वासन पर धरना हुआ समाप्त
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिला कार्यक्रम अधिकारी से समस्याओं के संबंध में सोमवार को वार्ता करने गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उनसे नोकझोंक हो गई। कार्यालय से बाहर चले जाने की बात पर बाहर बैठकर सभी ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि 19 जून को 13 सूत्री मांगों पर डीपीओ का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पत्र के माध्यम से समस्या निस्तारण की मांग की गई। इसी मामले के लिए विकास भवन स्थित ऑफिस पहुंच कर जानकारी पूछने पर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद धरना शुरू हो गया। हालांकि शाम को सीडीओ के आश्वासन के बाद धरना खत्म हो गया।
प्रदेश महामंत्री प्रभावती देवी ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन ने 19 जून को डीपीओ को 13 सूत्री मांग पत्र सौंपा था। इस पत्र के माध्यम से शोहरतगढ़ बाल विकास एवं परियोजना कार्यालय पर तैनात लिपिक की ओर से आडिट के नाम पर वसूली का आरोप लगाया था। बाल विकास परियोजना शहर, लोटन, उसका बाजार में विभागीय भवन बनवाने आदि की मांग की थी। इस समस्या के निस्तारण की प्रगति जानने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरोज, शुकंतला देवी, उर्मिला मिश्रा, प्रतिभा पांडेय, शिमला मौर्य, कौशिकी त्रिपाठी, सुनीता, शीला, कुसमावती, गीता, शांति मौर्य विकास भवन के आईसीडीएस कार्यालय पहुंची थी। डीपीओ से बात करनी चाही। यह डीपीओ को नागवार गुजरी और तकरार शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख डीपीओ ने कार्यालय से चले जाने पर कार्यकर्ताओं को कहा। जो गलत है। इसके विरोध में सभी कार्यकर्ता कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गई। सीडीओ जयेंद्र कुमार को धरने की जानकारी हुई तो उन्होंने कार्यकर्ताओं से बात किया। इसके बाद 15 दिनों के भीतर समस्या निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना खत्म हो सका। कार्यकर्ताओं ने कहा मांगें अगर जल्द नहीं पूरी हुई तो आंदोलन करने को बाध्य होंगे।