महराजगंज। नौनिहालों की देखभाल और उनके पोषण की जिम्मेदारी संभालने वाले बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की सेहत ढीली है। निचलौल, सिसवा और मिठौरा ब्लॉक में 68 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं। जहां न तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, और न ही सहायिकाओं की तैनाती की गई है।
इन आंगनबाड़ी केंद्रों का प्रभार नजदीकी केंद्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पास है। शासन की तरफ से आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित करने का निर्देश है। इन तीनों ब्लॉकों में कुल 847 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। प्रत्येक केंद्र पर एक-एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की नियुक्ति आवश्यक है। विभाग में लंबे समय से कर्मचारियों की कमी है। इससे सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से बच्चों का विकास नहीं हो पा रहा है। कई केंद्रों पर अभी मुलभूत सुविधाएं भी नाकाफी हैं।
निचलौल ब्लॉक क्षेत्र की बात करें तो यहां पर 296 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें 261 आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की तैनाती है। वहीं जबकि 35 केंद्र कर्मचारी विहीन हैं। यहां दूसरे केंद्र के कर्मचारी कार्यभार देख रहे हैं। जबकि छह माह से लेकर तीन वर्ष के 13061 और तीन वर्ष से लेकर छह वर्ष तक के 13998 बच्चें पंजीकृत है। वही 161 कुपोषित और 80 अति कुपोषित बच्चें पंजीकृत है। जिम्मेदारों के आंकड़ों के मुताबिक इन बच्चों की संख्या निरंतर घट रही है। क्योंकि बीते सितंबर में इनकी संख्या 290,अक्तूबर में 265 जबकि नवंबर में इनकी संख्या 241 हो गई है। मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र में 292 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन हो रहा है। यहां 276 केंद्रों पर ही कर्मचारियों की तैनाती हैं। जबकि 16 केंद्र कर्मचारी विहीन हैं। इससे योजनाओं का लाभ छोटे बच्चे एवं पात्र लाभार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। सीडीपीओ ब्रजेंद्र कुमार जायसवाल ने कहा कि केंद्रों पर बच्चों को शिक्षा के साथ उनकी स्वास्थ सुविधाओं पर बेहतर तरीके से ध्यान दिया जा रहा है। इसी तरह से सिसवा ब्लॉक में 259 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन हो रहा है। यहां 242 केंद्रों पर कर्मचारियों की तैनाती है। जबकि 17 केंद्र कर्मचारी विहीन हैं। यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पद कई महीने से रिक्त हैं। ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय और सरकारी भवनों में संचालित हो रहा है।
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रिक्त पदों की ऑनलाइन फीडिंग कराई जा रही
जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने कहा कि पूर्व में भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिसे निरस्त कर दी गई है। अब नए सिरे से भर्ती की प्रक्रिया शासन स्तर से होनी है। रिक्त पदों की ऑनलाइन फीडिंग कराई जा रही है।