पिपरदेउरा स्थित बंद पड़ा आंगनबाड़ी का प्री प्राईमरी स्कूल।
महराजगंज। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को लेकर सरकार भले ही गंभीर है, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत खराब है। कई केंद्रों में शौचालय, पानी से लेकर बिजली तक की व्यवस्था नहीं है। वह प्राथमिक स्कूल के भवन में संचालित हो रहे हैं, जिससे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं अभिभावक भी केंद्रों पर बच्चों को भेजने से कतराते हैं। बच्चों का मन बहलाने के लिए दो वर्ष पहले खिलौने मिले थे जो अब टूट चुके हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुविधाओं के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च होते हैं। इनमें से अधिकांश पर मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं जो खिलौने बच्चों का मन बहलाने के लिए दिए गए वह टूट गए हैं। प्री प्राइमरी पिपरदेउरा की पड़ताल की गई तो प्राथमिक स्कूल के भवन में संचालित मिला। परिसर में पानी भरने के कारण बंद था। वहीं चिउरहां में भवन जलभराव के कारण बंद रहा। गबड़ुआ में फरीदा बानों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका निशा देवी मौजूद मिलीं। नामांकित 32 बच्चों में 11 मौजूद मिले। ऊषा देवी ने बताया कि दो वर्ष पहले बच्चों के लिए मिले खिलौने टूट चुके हैं।
जलभराव के कारण कुछ स्कूलों में दिक्कत है वहां कक्षा का संचालन नहीं हो पा रहा है। जहां आज केंद्र बंद मिले हैं, वहां के आंगनबाड़ी से जवाब मांगा जाएगा। समुचित जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-दुर्गेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी