जेल में बंद अमेरिकी नागरिक एरिक समझते हैं थोड़ी-बहुत हिंदी, अध्यात्म से है गहरा नाता
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अमेरिकी नागरिक एरिक डेनियल बैकविथ कूटरचित वीजा लेकर नेपाल में प्रवेश के दौरान 28 मार्च की शाम को पकड़े गए थे। उनको जेल भेज दिया गया। इन दिनों जेल में वह सुबह-शाम पूजा कर वक्त गुजार रहे हैं।
जेल प्रशासन के अनुसार बेहद शांत रहने वाले एरिक थोड़ी-बहुत हिंदी भी समझते हैं। बैरक में अपनी ही धुन में मस्त रहते हैं। उनके कार्य व्यवहार पूरी तरह से हिंदू सभ्यता और संस्कृति से प्रेरित हैं। विदेशी नागरिक का अध्यात्म से गहरा नाता है।
जेल में बंद एरिक ने शुक्रवार सुबह की शुरुआत ईश्वर की प्रार्थना से की। आध्यात्मिक गुरुओं की तरह से आचरण होने के कारण आम बंदियों से इनका व्यवहार अलग है। जेल मैनुअल के अनुसार इनको पूरी सुविधा दी जा रही है। जेल प्रशासन ने फलाहार आदि का प्रबंध किया है।
शुक्रवार सुबह को दूध, केला, उबला आलू खाकर एरिक ने वक्त गुजारा। शांत होकर वह हर किसी की बात को सुनते हैं। जेल में आने के पहले दिन वह पूरी रात ठीक ढंग से सो नहीं सके।
यह है पूरा मामला
बीते 28 मार्च की रात में सोनौली के रास्ते नेपाल जाने के दौरान अमेरिकी नारिक ऐरिक को आव्रजन अधिकारियों ने पकड़ा था। वीजा की जांच की तो पता चला कि वीजा जुलाई 2019 में ही समाप्त हो गया है और वीजा में छेड़छाड़ की गई है। वह कूटरचित वीजा दिखाकर अपना काम चलाते रहे। भारत के आध्यात्मिक गुरुओं की शरण में ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग ढूंढ रहे थे, लेकिन उसके मन को शांति नहीं मिली। उन्होंने नेपाल जाने का इरादा बनाया तो गिरफ्तार हो गए।
कोट
जेल में बंद अमेरिकी नागरिक को नियम के अनुसार पूरी सुविधा दी जा रही है। एरिक आध्यात्मिक प्रवृति के हैं। ज्यादातर समय वह पूजा-पाठ कर गुजारते हैं।
-प्रभात सिंह, जेल अधीक्षक