निचलौल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्रामसभा मदनपुरा में शुक्रवार की दोपहर उस समय सनसनी फैल गई जब एक अधिवक्ता का शव उसके ही खेत में स्थित आम के पेड़ से लटका मिला। खेत की तरफ गए ग्रामीणों ने शव को देखा तो इसकी जानकारी अन्य लोगों को दी। किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
अजय की मां के अनुसार, थाना क्षेत्र के गांव मदनपुरा निवासी अजय कुशवाहा (25) पुत्र स्वर्गीय बृजबिहारी कुशवाहा तीन साल पहले एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर चुके थे। वह सदर कचहरी में प्रैक्टिस कर रहे थे। वह खेती-बाड़ी का कार्य भी करते थे। ग्रामीणों के अनुसार उनके पिता बृजबिहारी कुशवाहा का निधन करीब तीन वर्ष पूर्व हो चुका है।
अजय की मौत के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर पर केवल अजय की मां और भाभी ही रहती हैं। परिजन इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे पा रहे हैं कि अजय ने आत्महत्या क्यों की। घटनास्थल पीड़ित परिवार के घर से महज 250 मीटर की दूरी पर है।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सूचना पर मौके पर पुलिस टीम भी पहुंच गई। घटनास्थल पर पहुंचे तहसीलदार अमित कुमार सिंह व नायब तहसीलदार अंकुर सिद्धार्थ ने भी मौके का जायजा लिया। राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से शव को पेड़ से उतारा गया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक अंकित सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। युवक की मौत के कारण का पता नहीं चल सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों से पूछताछ के बाद कारणों का पता चल सकेगा।
बस एक चुप्पी और सब कुछ शांत
जानकारी के अनुसार, अजय ने शुक्रवार की सुबह अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर लिखा था 'ना किसी से कोई शिकायत, ना किसी से कोई गिला, बस एक चुप्पी और सब कुछ शांत'। साथ ही उन्होंने अपनी डीपी पर श्मशान घाट की तस्वीर भी लगाई थी। इससे लोग आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि अजय ने किसी तनाव में यह आत्मघाती कदम उठाया है।
अजय की नहीं हुई थी शादी
अजय तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी शादी अभी नहीं हुई थी। बड़े भाई दिलीप कुशवाहा रेलवे विभाग में कार्यरत हैं, जबकि दूसरे भाई अरविंद कुशवाहा सचिवालय में प्राइवेट कर्मी हैं। उनकी बहन अनुपम भी विवाहित हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां अनारी देवी तथा अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।