महराजगंज। जिले में आशा संगिनी चयन प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई है। इस मामले सीएमओ डॉ. श्रीकांत शुक्ला सख्त रुख अपनाया है।
उन्होंने जांच में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद चार सीएचसी के अधीक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। वहीं पांच बीसीपीएम की एक वर्ष की वेतन वृद्धि पर रोक दिया है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले में 34 आशा संगिनी पदों के लिए साक्षात्कार कराया गया था। इस प्रक्रिया की निगरानी जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी कर रहे थे। चयन समिति में एडीशनल सीएमओ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डीसीपीएम संदीप पाठक, संबंधित ब्लॉकों के बीडीओ, सीएचसी अधीक्षक तथा डीसीपीएम को शामिल किया गया था। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा कराया गया था, लेकिन सदर, फरेंदा, लक्ष्मीपुर और बृजमनगंज क्षेत्र में चयन को लेकर कई शिकायतें जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को प्राप्त हुई। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि पात्र अभ्यर्थियों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से चयन किया गया। इस पर जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ ने चयन प्रक्रिया की जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ ने सख्त कदम उठाते हुए सदर, फरेंदा, लक्ष्मीपुर और बृजमनगंज के सीएचसी अधीक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। साथ ही, सदर, फरेंदा, लक्ष्मीपुर, बृजमनगंज और पनियरा ब्लॉक के बीसीपीएम की एक वर्ष की वेतन वृद्धि रोक दी गई है। संवाद