फरेंदा। साहब...मेरी पत्नी व बेटा दिव्यांग हैं। मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता हूं। करीब 10 वर्ष पूर्व फुलमनहां गांव के लेखपाल ने पट्टे की जमीन दिलाने के नाम पर रुपये मांगे। कर्ज लेकर उसे 25 हजार रुपये दे दिया। अभी तक न तो जमीन मिली न ही रुपये मिले। उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
ये बातें क्षेत्र के फुलमनहां के टोला भगतपुरवा निवासी पीड़ित झीनक ने जिलाधिकारी अनुनय झा के सामने कहीं। पीड़ित ने कहा कि डीएम के सामने पट्टे की जमीन नहीं तो रुपये वापस कराने की मांग कर रहा था। जिस पर डीएम ने मामले की जांच एसडीएम को दिया हैं। वहीं फरेंदा के जमुहरा खुर्द निवासी अदालती देवी ने जिलाधिकारी को दिए पत्र में कहा कि जनवरी में राशन कार्ड से नाम निरस्त कर दिया गया हैं जिससे राशन नहीं मिल रहा हैं। जबकि वहीं राशन ही हमारे जीने का सहारा हैं।
धानी के कानापार निवासी गुलाबचंद ने डीएम से कहा कि पत्नी की उम्र लगभग 74 वर्ष हैं। जिसका वृद्धा पेंशन बनवाना चाहते हैं, लेकिन लेखपाल ने अधिक का आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। इससे वृद्धा पेंशन नहीं बन पा रहा है। ऐसे में लेखपाल से कम आय का प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की है। डीएम अनुनय झा ने सभी लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण का आदेश दिया है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा, एसडीएम रमेश कुमार, सीओ अनुज कुमार सिंह मौजूद रहे।
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रास्ते में रखा ट्रांसफार्मर दे रहा दुर्घटना को दावत
निरालानगर कालोनी के मुख्य मार्ग के किनारे करीब एक वर्ष से ट्राली पर रखा ट्रांसफार्मर दुर्घटना को दावत दे रहा हैं। रास्ते के किनारे ट्राली खड़ा होने से राहगीरों को समस्या का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायत किया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
-महेश खेतान, निरालानगर
सोनबरसा से चौतरवां जाने के लिए बना लिंक मार्ग हैं जो दूसरे लिंक मार्ग से करीब एक फीट नीचा हैं। जिसके कारण मामूली बरसात में भी सड़क पर जल जमाव हो जाता हैं। जिसकी शिकायत ग्राम प्रधान से किया लेकिन द्वेष वश सड़क को ठीक नहीं करा रहे हैं। जिसकी मांग कई बार किया समस्या निस्तारण नहीं हो पा रहा हैं।
-संतोष कुमार, सोनबरसा
उदितपुर में जमीन गाटा संख्या 1462 का पत्थर नसब का आदेश उपजिलाधिकारी द्वारा करने के बाद भी पेशकार द्वारा साजिश करके राजस्व निरीक्षक को पत्रावली नहीं दे रहे हैं। जिसकी शिकायत कई बार किया लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है।
-रामानंद, उदितपुर
दोनों आंख से अंधा होने के कारण गांव के एक मंदिर में सेवादार का काम करता हूंं। हमारे नाम से प्रधानमंत्री आवास आया था जिसकी पहली किस्त भी प्राप्त हो गई हैं। लेकिन अब भाई द्वारा आवास नही बनने दिया जा रहा हैं। कई बार शिकायत किया लेकिन समाधान नही हो पा रहा हैं।
-अमीन, मुजहना