चौक बाजार। व्यक्ति जीवन भर कुछ न कुछ सीखता रहता है। यदि व्यक्ति ने सीखना छोड़ दिया तो समझिए उसके जीवन में हताशा और निराशा के सिवा कुछ नहीं मिलेगा। सीखने के लिए कठिन परिश्रम तथा निरंतरता की आवश्यकता होती है। ये बातें दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज में आयोजित समर कैंप में प्रशिक्षक भानु प्रताप प्रजापति ने कही। उन्होंने कहा कि जीवन में सीखना सबसे बड़ी कला है। जब कभी भी व्यक्ति सीखना आरंभ कर दे वहीं से उसके जीवन की शुरुआत हो जाती है। ताइक्वांडो प्रशिक्षक कन्हैया शर्मा ने छात्राओं को सुरक्षा के उपाय के लिए कई प्रकार के अचूक अस्त्र बताए। प्रधानाचार्य डॉ. हरिन्द्र यादव ने कहा कि प्रशिक्षण से छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास हो रहा है। बृजेश कुमार वर्मा, राजेंद्र राव, गोरख प्रसाद, रोहित राव, मनोज कुमार, दुर्गेश कुमार, पूर्णिमा पटेल, लीलावती, ध्रुव जायसवाल आदि मौजूद रहे। संवाद